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Rohtak News: किसी को भाजपा की विजय की उम्मीद कोई कर रहा कांग्रेस की जीत का दावा

Mon, 27 May 2024 04:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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बादली (झज्जर)। ताऊ किसे बोट देकाया। कै लाग रा हैं इस बार। काैण जीतेगा। कस्बे की एक चाय की दुकान पर बैठे कुछ बुजर्गो से एक युवक ने ये सवाल दागा तो वहां बैठे बुजुर्गों में वाक युद्ध छिड़ गया। कोई भाजपा की जीत का दावा कर रहा था तो कोई कांग्रेस की जीत पर शर्त तक लगाने को तैयार था।
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रविवार को ऐसा ही नजाया कस्बे के चाैक चाैराहों पर देखने को मिला। शनिवार को मतदान के बाद हर कोई चुनावी चर्चा में मशगूल रहा। चाय की दुकान पर भी यही चर्चा रही। कई जगह सड़क पर चारपाई डालकर लोग प्रत्याशी की हार जीत पर दाव लगा रहे थे। ईट भट्ठों पर बैठे ठेकेदार और बाजार में दुकानों पर मौजूद लोग चुनाव में हार-जीत को लेकर कयास लगाते दिखे। अधिकांश का मानना था कि इस बार भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला है।
कुछ बुजुर्गाें का कहना था कि शहर की तुलना में गांवों में अधिक मतदान हुआ है इसका लाभ कांग्रेस प्रत्याशी हो हो सकता है जबकि कुछ लोगों का कहना था कि गांव में भी भाजपा को अच्छे मत मिलेे हैं। एक बुजुर्ग का कहना था कि पिछले चुनाव मेंं रोहतक शहर से भाजपा को अच्छे वोट मिले थे लेकिन इस बार शहर में कम मतदान हुआ है इसलिए इस बार चुनाव फंसा है। कुछ जगह वोटर शांत रहा इस वजह से भी हार जीत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रही। कुछ बुजुर्गाें का मानना था कि इस बार भी हार जीत का अंतर अधिक नहीं रहेगा।
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इसी तरह कोई जातिगत आकड़ों को तो कोई दलीय वोटरों को लेकर अपना नतीजा और अनुमान बताता दिखा। हर जगह मुकाबला कड़ा होने की बात जरूर आई। चर्चा में शामिल लोग इस चुनावी दंगल में प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला मानते रहे। सभी अपने पसंदीदा उम्मीदवार और पार्टी के पक्ष में आंकड़े पेश कर रहे हैं।
बड़े गांवों की चर्चाएं ज्यादा
क्षेत्र के गांव बादली, बुपनियां, जहांगीरपुर, गुभाना, बाढ़सा के मतदान को लेकर चर्चाएं ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे गांव कई बार हार जीत का फैसला कर जाते हैं। वैसे भी क्षेत्र में कैंसर संस्थान, केएमपी, बादली को तहसील का दर्जा जैसे विकास के मुद्दे पर वोट डाली गई है तो युवाओं ने रोजगार की आस में मतदान किया।
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फोटो 71: मतदान के बाद संभावित परिणामोंा पर चर्चा करते ग्रामीण।
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