रोहतक। जिला प्रशासन की ओर से परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को सही करने के लिए तीन दिवसीय शिविरों में 6600 लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। इसके लिए जिले भर में 182 स्थानों पर शिविर लगाए गए।
अंतिम दिन नागरिक जन्मतिथि सत्यापन, फॅमिली आईडी, वोटर कार्ड मैपिंग, दिव्यांग सर्टिफिकेट अपलोड, साइन फैमिली आईडी अपलोड एवं अन्य जानकारी ठीक करवाने के लिए पहुंचे।
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल की अध्यक्षता में 28, 29 एवं 30 अप्रैल को शिविर लगाए गए। इसमें लगभग 2700 नागरिकों ने जन्मतिथि दस्तावेज अपलोड करवाए। लगभग 500 दिव्यांगजनों ने दस्तावेज अपलोड ओर लगभग 700 नागरिकों ने सिग्नेचर करके अपनी फैमिली आईडी अपलोड करवाई। वहीं लगभग 2000 नागरिकों ने अपना पता ठीक करवाया एवं लगभग 1200 नागरिकों ने अपने वोटर आईडी को फैमिली आईडी से मैच करवाया। रविवार को कैंपों का निरीक्षण अतिरिक्त उपायुक्त व तहसीलदार मदन लाल ने अपने-अपने स्तर पर किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया की जिले के नागरिकों के लिए इस तरह के शिविरों का आयोजन भविष्य में भी समय-समय पर किया जाएगा।
समस्या : सर्वर डाउन व कंटेंट रहे गायब
तीन दिवसीय कैंप में हर बार की तरह इस बार भी सर्वर डाउन रहने के अलावा कंटेंट गायब होने की समस्या रही। सर्वर स्लो होने के चलते नागरिकों को लंबा समय इंतजार करना पड़ा। कैंपों में कार्य कर रहे स्टाफ ने बताया कि वह फोन पर कार्य करते हैं, लेकिन इंटरनेट स्लो होने के चलते समस्या होती है। हर कैंप पर एक ऑपरेटर है, लेकिन सर्वर स्लो होने पर वह भी क्या कर सकता है। स्टाफ को जो लिस्ट दी गई है, उसमें पुराने लोगों की वहीं समस्या है जो पहले थी। लिस्ट के हिसाब से बुलाते हैं तो कोई सुनता नहीं है। एक गलती सही कराते हैं तो दूसरी चीज गायब हो जाती है। फिर उसे सही कराने के लिए संपर्क करना पड़ता है। वहीं हनुमान कॉलोनी में आए बलवान हुड्डा ने बताया कि डेट ऑफ बर्थ सही कराने के लिए पांच-छह माह से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हो ही नहीं रहा है।
शिविर में कई प्वाइंट शो नहीं होते। यह इसलिए होता है ताकि कोई तथ्यों के साथ बेवजह छेड़छाड़ न कर सके। यह इनएक्टिव रहता है। ऐसा नहीं है कि वह चीज रिकाॅर्ड में नहीं है। कई तथ्यों को विभाग अपने-अपने स्तर पर जांच कर चुके होते हैं, इसलिए इसमें समस्या नहींं होती।
- सुमित दांगी, प्रबंधक, सीआरआईडी आईएम