रोहतक। नागरिक अस्पताल के त्वचा व गुप्त रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मलिक ने बताया कि ठंड में त्वचा सूखी होने लगती है। इस रूखेपन को दूर करने के लिए लोग आम तौर पर विज्ञापन या किसी दोस्त या परिवार के लोगों की सलाह पर बाजार से कोई क्रीम घर ले आते हैं। उन्हें यह पता ही नहीं होता कि वह जो क्रीम बाजार से लेकर आए हैं, वह स्टेरॉयड युक्त है, जो त्वचा को अच्छी करने की जगह व्यक्ति को धीरे-धीरे त्वचा रोगी बना देगा।
डॉ. दिनेश ने बताया कि स्टेरॉयड को सामयिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, ग्लूकोकार्टिकोस्टेरॉइड्स और कॉर्टिसोन भी कहा जाता है। ठंड में सबसे ज्यादा माइस्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल होता है। ठंड में त्वचा का माइस्चराइजर का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। ऐसे में स्टेरॉयड क्रीम लगातार इस्तेमाल करने से स्किन में सूखी परतें बनकर खुजली होने लग जाती है, पानी निकलने लग जाता है, साथ ही एलर्जी भी बढ़ सकती है।
जांच और चिकित्सक से बिना परामर्श के न लें दवा
विज्ञापनों और सुनी सुनाई बातों में आकर लोग कोई भी क्रीम कहीं से भी खरीद लेते हैं। इसके कारण त्वचा से संबंधित कोई समस्या आ रही हो तो वह उसी क्रीम को लगाना पसंद करते हैं, जिसे उन्होंने सुना हुआ है। स्टेरॉयड क्रीम या मलहम में कई तरह के सॉल्ट होते हैं, जो बिना जांच और परामर्श लेने से वह व्यक्ति को फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है। त्वचा की समस्या वाले ज्यादातर मरीज परामर्श के बजाय मनमर्जी दवा लेकर मर्ज बढ़ा लेते हैं।
- डॉ. मधुलिका, नागरिक अस्पताल।
बाजार में स्टेरॉयड युक्त क्रीम की बाढ़
बाजार में स्टेरॉयडयुक्त क्रीम धड़ल्ले से बिक रही हैं। स्टेरॉयड वाली इन क्रीम का असर तुरंत हो जाता है। ऐसे में बहुत से लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी क्रीम का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक इन क्रीम का इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ रहा है।
स्टेरॉयड क्रीम से यह हो रहीं बीमारियां
त्वचा का लाल होना, खुजली, दाने होना, धूप में जलन होना, अनचाहे बाल उगना या फिर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का शिकार बना सकती हैं। इससे चेहरे पर हमेशा के लिए काले धब्बे बनने लगते हैं।
महिलाएं करती हैं ज्यादा इस्तेमाल
पुरुषों के मुकाबले महिलाएं स्टेरॉयड का इस्तेमाल ज्यादा करती हैं। जो महिलाएं इसकी शिकार हो रही हैं, उनकी उम्र 20 से 36 साल की है।
डाॅ.दिनेश मालिक