सत्ता बदलने के बाद रोहतक नगर निगम कंगाल हो गया है।
अधिकारी लगातार पैसा न होने का रोना रो रहे हैं।
लेकिन सपने अभी भी बड़े हैं। निगम की तिजौरी खाली होने के बावजूद 30 जुलाई को होने वाली हाउस मीटिंग में करोड़ों के बजट के 45 एजेंडे पास किए जाने की तैयारी है।
बता दें कि हुड्डा राज जाने के बाद रोहतक नगर निगम को सालाना बजट नसीब नहीं हुआ है। हालांकि स्टांप ड्यूटी और सरकारी ग्रांट से थोड़ी राहत जरूर है।
मेयर रेनू डाबला के मुताबिक क्षेत्र में विकास के लिए अभी बजट का टोटा है। निगम ने सालाना बजट 74 करोड़ 71 लाख रुपये तैयार किया है। जब तक सरकार इस बजट को मंजूरी नहीं देती तब तक विकास कराने में बड़ी बाधा बनी रहेगी।
क्या होगा इस बैठक में
मेयर ने माना कि किन्हीं कारणों से निगम की पिछली दो बैठकें रद हो चुकी हैं, लेकिन यह बैठक तय है। इसमें 45 प्रस्ताव रखे जाएंगे, यदि कोई प्रस्ताव आन टेबल होगा तो उस पर भी विचार होगा। बड़ा एजेंडा सीवर, पानी और गलियों का है।
एजेंडे में स्पष्ट लिखा है आर्थिक हालात नाजुक
एजेंडा नंबर पांच में गांव पहरावर और कनहेली में दो गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि निगम 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तीन गौशालाओं को पूर्व में 3.83 करोड़ रुपये दे चुका है, जबकि इन गौशालाओं ने डेढ़ करोड़ और राशि की मांग की है। निगम ने अब स्पष्ट कर दिया है कि माली हालत मजबूत नहीं है। लिहाजा उक्त दोनों गांवों में निगम एनजीओ की मदद से गौशाला निर्माण कर सकता है। इसके लिए निगम सालाना एकमुश्त राशि देगा।
बैठक में बुढ़ापा पेंशन होगा बड़ा मुद्दा: अनीता
वार्ड 11 की पार्षद अनीता मिगलानी के मुताबिक बैठक में विकास के अलावा उन पेंशनधारकों की समस्या को उठाया जाएगा, जिन्हें तीन माह से पेंशन नसीब नहीं हुई। गौरतलब है कि पेंशन विवाद के चलते निगम की पार्षद के पूर्व पार्षद पति सहित कइयों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। भविष्य में ऐसी कार्रवाई न हो इसका दबाव बनाने के लिए भी रणनीति बनाई जाएगी।