रोहतक। छह माह की मासूम अब करोड़पति माता-पिता की बेटी कहलाएगी। औपचारिकता होने पर प्रशासन ने डीसी की मौजूदगी में छह माह की बच्ची मीनू (परिवर्तित नाम) को पंजाब के दंपती को गोद दे दिया। बच्ची को पाकर दंपती भी बेहद खुश नजर आया।
बाल संरक्षण अधिकारी पूनम ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से गोद लेने की प्रक्रिया के लिए कानून बनाया गया है। एक बच्चे की मां बेटा या बेटी में किसी को भी गोद ले सकती है जबकि अकेला पिता केवल बेटे को गोद ले सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।
पंजाब के दंपती ने 2021 में ऑनलाइन आवेदन किया था क्योंकि 12 साल से उनको संतान सुख नहीं मिल सका था। वहां के स्थानीय प्रशासन व सरकार की ओर से तय एजेंसी ने दंपती के आवास पर जाकर जानकारी जुटाई। साथ ही, दंपती का साक्षात्कार लिया।
पता चला कि आवेदन करने वाला दंपती आईटी सेक्टर से जुड़ा है। महिला ने आईटी क्षेत्र में पढ़ाई कर रखी है जबकि उनके पति का कारोबार है। दादा नामी वकील हैं। 15 दिन पहले कागजी कार्रवाई पूरी होने पर बच्ची को दंपती को गोद दिया गया था। दोनों बच्ची को अपने साथ लेकर गए।
नियमों के तहत दो सप्ताह बाद उनको डीसी के सामने गोद लेने की फाइनल प्रक्रिया पूरी करनी थी। ऐसे में शुक्रवार को दंपती बच्ची को लेकर रोहतक पहुंचा। संतुष्टि के बाद बच्ची गोद दे दिया गई। इस मौके पर एडीसी नरेंद्र कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह, एडॉप्शन एजेंसी समन्वयक पायल व सामाजिक कार्यकर्ता विशेष सिंधू भी मौजूद रहे।
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बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम 2015, किशोर न्याय आदेश नियम (2016) संशोधित 2022, और एडॉप्शन रेगुलेशन 2022 के तहत पूर्ण की गई है। दंपती ने अपने आपको केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण पोर्टल पर पंजीकृत करवाया था। विभाग इस बच्ची व परिवार के साथ लगातार दो साल तक संपर्क में रहेगा।
- धर्मेंद्र सिंह, डीसी रोहतक