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Rohtak News: एमडीयू में छह मूकबधिर चला रहे डेफेटेरिया, अगले सप्ताह खोलेंगे तीसरा आउटलेट

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32...एमडीयू में डैफेटेरिया के बाहर अति​थियों के साथ प्रो. आशीष दहिया व अन्य। आर्काइ
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक के छात्रों ने स्टार्टअप के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। एमडीयू से पढ़ाई कर चुके साहिल सहारन व दिग्विजय ने दो अलग-अलग फूड स्टार्टअप शुरू कर युवाओं के लिए नए उदाहरण पेश किए हैं। मूकबधिर युवाओं के डेफेटेरिया ने एमडीयू की तस्वीर बदल दी है।
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साहिल सहारन ने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना काल में डेफेटेरिया की शुरुआत की। शुरू में मोमोज व भुजिया से काम शुरू किया। बाद में इंडियन बेकरी, स्वीट्स व अन्य फूड आइटम्स का विस्तार दिया।
वर्तमान में डेफेटेरिया के दो आउटलेट हैं। इनमें से एक आईएचटीएम व दूसरा गर्ल्स हॉस्टल के सामने चल रहा है। अगले सप्ताह लाइब्रेरी के सामने तीसरा आउटलेट खोलने की तैयारी है। इस डेफेटेरिया से छह लोगों को रोजगार मिला है।
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डेफेटेरिया में स्टाफ इशारों के साथ बातचीत करते हैं। मैन्यू कार्ड पर विशेष साइन छपे होते हैं जिनके माध्यम से डेफेटेरिया में जाने वाले लोग खाने का आनंद लेने के साथ ही थोड़ी-बहुत साइन लैंग्वेज भी सीख लेते हैं।
खास बात यह है कि यहां प्रयोग में लिया जाने वाला सामान बायोडिग्रेडेबल है। इसलिए इसे ईको फ्रेंडली भी कहा जा सकता है।
दिग्विजय का इटालियन आइसक्रीम पार्लर...ताजे फलों से तैयार करते हैं आइसक्रीम
एमडीयू के छात्र दिग्विजय ने पिछले वर्ष इटालियन कॉन्सेप्ट पर आधारित आइसक्रीम पार्लर शुरू किया। उन्होंने इटली की यूनिवर्सिटी से आइसक्रीम बनाने की विशेष ट्रेनिंग ली है। यहां बनने वाली आइसक्रीम पूरी तरह फैट-फ्री है। इसमें न दूध की क्रीम, न आर्टिफिशियल कलर और न ही अतिरिक्त शुगर का प्रयोग किया जाता है। आइसक्रीम केवल ताजे फलों से तैयार की जाती है। आइसक्रीम पार्लर में बिना दूध के बेस से तैयार शुगर फ्री योगर्ट भी उपलब्ध है। इसमें प्रोटीन व ताजे फल शामिल किए जाते हैं।


वर्जन
एमडीयू के छात्रों ने स्टार्टअप शुरू किया है। यह सराहनीय है। एमडीयू के होटल मैनेजमेंट के कई विद्यार्थियों ने कैंपस से बाहर भी अपने स्टार्टअप शुरू कर युवाओं को रोजगार दिया है। -प्रो. आशीष दहिया, निदेशक, आईएचटीएम, एमडीयू।
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