शहर में नो पार्किंग जोन से वाहन उठाने के लिए दिए गए क्रेन के ठेके को रद्द करने के विवाद में नया मोड़ आ गया है। भाजपा के छह पार्षदों ने लिखित में ठेकेदार को समर्थन पत्र दिया है। साथ ही उनका कहना है कि ठेका आगे जारी रखने से उनको कोई आपत्ति नहीं है। ठेकेदार इस पत्र को अदालत में रखेगा। उधर, जिला अदालत में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई, जिसमें बहस के लिए 15 अप्रैल की तिथि तय की गई है।
नगर निगम की ओर से 24 फरवरी को बजट पास कराने के लिए हाउस की बैठक बुलाई थी। बजट पास करने के साथ हाउस में वार्ड 10 के पार्षद राहुल देशवाल ने प्रस्ताव रखा कि नो पार्किंग जोन से वाहन उठाने वाले क्रेन ठेकेदार का ठेका रद्द किया जाए। क्योंकि लोगों से ठेकेदार के कर्मचारियों का व्यवहार उचित नहीं है। इसी बीच सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल ने प्रस्ताव रखा है कि शहीद भगत सिंह पार्किंग किला रोड के ठेकेदार का भी व्यवहार ठीक नहीं है। निगम हाउस ने दोनों ठेके रद्द कर दिए। हालांकि निगम प्रशासन ने 1 अप्रैल से ठेके खत्म करने का पत्र जारी किया। क्रेन ठेकेदार भीष्म शर्मा ने नगर निगम के फैसले को अदालत में चुनौती थी और स्टे ऑर्डर जारी करने की मांग की। अदालत ने नगर निगम को नोटिस भेजकर 9 अप्रैल की सुनवाई तय की। शुक्रवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई, लेकिन अदालत में स्टे ऑर्डर पर फैसला नहीं हो सका। अब मामले में 15 अप्रैल को सुनवाई होगी।
भाजपा की चार महिला पार्षदों सहित ये छह पार्षद आए समर्थन में
नगर निगम के ठेकेदार भीष्म शर्मा ने पत्र भेजकर बताया कि नो पार्किंग जोन से वाहन उठाने का ठेका 13 जून 2020 से 12 जुलाई 2021 तक दिया गया था। ठेकेदार व उसके स्टाफ का व्यवहार अच्छा है। निगम के अधिकारियों को भी कोई शिकायत नहीं है। उनको ठेका आगे जारी करने में कोई आपत्ति नहीं है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में वार्ड 6 से भाजपा पार्षद सुरेश चंद्र किराड़, 13 से कंचन खुराना, 14 से राधेश्याम ढल, 16 से डिंपल जैन, 19 से मुक्ता नागपाल व 20 से पूनम किलोई शामिल हैं।
हर रोज 50 में से 30 वाहन सिफारिश पर छुड़वाए
ठेकेदार का कहना है कि अदालत में वे पिछले तीन माह का सुबूत के साथ रिकॉर्ड पेश करेंगे। औसतन उन्होंने हर रोज 50 वाहन पकड़े, जिनमें से 20 वाहन नगर निगम के अधिकारियों व पार्षदों की सिफारिश पर छोड़े हैं। अब सभी वाहन छोड़ देंगे तो प्रति माह लाखों रुपये की फीस कैसे जमा करवाएंगे। किस अधिकारी व पार्षद के कहने पर कब वाहन छोड़ा गया, इसका पूरा ब्योरा तैयार कर लिया है।
गलत तरीके से ठेका रद्द किया गया है। हाउस में अचानक प्रस्ताव आया और पास कर दिया गया। हर पार्षद से मंत्रणा होनी चाहिए थी। इसलिए ठेकेदार को समर्थन पत्र दिया है। किसी के साथ अन्याय में साथ नहीं देंगे।
- अमित जैन, महिला पार्षद वार्ड 16 के पति
निगम ने एक साल के लिए नो पार्किंग जोन का ठेका दिया था। अब बीच में अचानक रद्द करना उचित नहीं है। इसलिए ठेकेदार को समर्थन पत्र दिया है। कार्यकाल पूरा होने के बाद निगम किसी को भी ठेका दे सकता है।
- राधेश्याम ढल, पार्षद वार्ड 14
नो पार्किंग जोन से वाहन उठाने की व्यवस्था बंद होने से आम लोगों को परेशानी हो रही है। जाम की स्थिति पैदा हो रही है। निगम ठेका किसी को दे, लेकिन अचानक व्यवस्था बंद करना उचित नहीं है। इसलिए समर्थन पत्र दिया।
- सूरजमल किलोई, महिला पार्षद पति वार्ड 20
हाउस में प्रस्ताव पास हुआ था। उसी के आधार पर ठेका 1 अप्रैल से रद्द किया गया है। अदालत में निगम की तरफ से जवाब दाखिल करने की जिम्मेदारी एडीए अजय हुड्डा को दी गई है।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त,नगर निगम