संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विवि से मान्यता प्राप्त निजी नर्सिंग संस्थान की एएनएम दूसरे वर्ष की छह छात्राओं ने शिक्षकों पर रिजल्ट में इंटरनल असेसमेंट अंक नहीं भेजकर उन्हें फेल करने और पास करने के लिए 30,000 रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। छह छात्राओं ने विवि को लिखे पत्र में शिक्षिका स्वेच्छा व सोनम पर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। वहीं शिक्षिकाओं का कहना है कि आरोप गलत हैं। नंबर दिए गए हैं। अभी पोर्टल नहीं चल रहा। पोर्टल चलते ही नंबर शो करने लगेगा।
आदर्श स्कूल ऑफ नर्सिंग छात्रा पूजा व कविता ने कहा कि 17 जनवरी को परीक्षा परिणाम आया था। इसमें थ्योरी में पास हो गईं। इंटरनल असेसमेंट के अंक नहीं लगने से प्रैक्टिकल में फेल कर दिया गया। छात्राओं ने विवि को पत्र लिखकर पोर्टल ओपन करने व गलती करने वालों पर कार्रवाई की अपील की है।
छात्रा निशा व पूनम रानी का कहना है कि परीक्षा में फेल होने पर शिक्षिका स्वेच्छा के पास कारण जानने पहुंची तो उन्होंने पास कराने के लिए रुपये मांगे। शिक्षिका ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। स्कूल के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुईं तो शिक्षिकाओं ने कहा था कि पास होकर दिखाना। अब परिणाम सामने है।
छात्रा सीमा व सोनिया ने कहा कि स्कूल स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसलिए विवि पहुंचीं। यहां पता चला कि छह छात्राओं के इंटरनल असेसमेंट के अंक भेजे ही नहीं गए। उपायुक्त कार्यालय में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है
नर्सिंग स्कूल की शिक्षिकाओं ने कहा कि छात्राओं के इंटरनल असेसमेंट अंक उनके पास नहीं हैं। पत्र में स्कूल प्रशासन ने विवि से छात्राओें के भविष्य को देखते हुए इंटरनल असेसमेंट अंक देखने की सुविधा उपलब्ध कराने की अपील भी की है।
छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। छात्राएं बातों का गलत मतलब निकाल रही हैं। नहीं पढ़ने वाले फेल हुए हैं। असेसमेंट के अंक को लेकर विवि से संपर्क किया जा रहा है।
- सोनम, नर्सिंग ट्यूटर।