Situation Normal, Workers Return to Work: DC
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उपायुक्त आरएस वर्मा ने कहा कि जिले की करीब 1200 छोटी-बड़ी औद्योगिक व व्यवसायिक इकाइयों में काम शुरू हो चुका है। इनमें लगभग 33 हजार श्रमिक काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों से आग्रह किया कि स्थिति बिल्कुल सामान्य हो चुकी है, इसलिए वे काम पर लौट आएं, उन्हें कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। लघु सचिवालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में कोरोना का सामुदायिक संक्रमण नहीं है। अब तक कोविड-19 के 11 पॉजिटिव केस आए हैं, जिनमें से चार ठीक हो चुके हैं, एक की मौत हुई है। कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले 1500 लोगों के टेस्ट करवाए गए हैं। इनके अलावा भी करीब 1500 और सैंपल टेस्ट कराए गए हैं, रैपिड टेस्ट भी किए गए हैं। उन्होंने लॉॅकडाउन 1,2,3 में सहयोग के लिए लोगों का आभार जताया। उपायुक्त ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के रहने के लिए 45 शेल्टर होम बनाए गए थे, जिनमें से 10 एक्टिव रहे। पचास दिनों में उन्हें 17 लाख फूड पैकेट बांटे गए। 22 हजार परिवारों को सूखा राशन भी दिया गया। मंडियों में अब तक 16 हजार एमटी सरसों की आवक हुई, जिसमें से 14 हजार एमटी की लिफ्टिंग हो चुकी है। 1,94,700 एमटी गेहूं की खरीद हुई है, 71 प्रतिशत की लिफ्टिंग हो चुकी है। खरीफ की फसलों की बिजाई के लिए खाद, बीज, दवा का प्रबंध है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी जगहों पर जाने से बचना चाहिए जो कोरोना का हॉट स्पॉट हैं। अगर जाना पड़े तो प्रशासन को सूचित करें ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
4500 श्रमिक गए यूपी
उपायुक्त ने बताया कि शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार सुबह तक करीब 4500 श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भेजा गया है। यहां से 105 बसें बागपत, सहारनपुर, शामली व बुलंदशहर गई हैं, हरेक में 40-45 मजदूर थे। जिन्हें दोनों समय का भोजन, पानी, मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया है। अब तक जिले से करीब 10 हजार मजदूरों को रेल व बसों के जरिये उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड व उत्तराखंड भेजा जा चुका है। कुछ लोग अपने साधनों से जम्मू-कश्मीर गए हैं।