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Rohtak News: दस साल में 10 निगम आयुक्त बदले, पर भगत सिंह पार्किंग के हालात नहीं

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15-किला रोड ​स्थित भगत सिंह पार्किंग में खाली पड़ी जगह। संवाद
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विजेंद्र कौशिक
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रोहतक। शहर के किला रोड स्थित शहीद भगत सिंह पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की कहानी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। पिछले एक दशक में नगर निगम के 10 आयुक्त बदल गए। मेयर बदले लेकिन सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी यह बहुमंजिला पार्किंग आज भी पूरी तरह उपयोग से बाहर है। स्थिति यह है कि निगम अब तक इस परियोजना पर 7.43 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है लेकिन आमदनी के नाम पर एक रुपया भी हासिल नहीं हुआ है।
कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा के पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2011 में शहीद भगत सिंह पार्क की जगह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स कम पार्किंग के निर्माण की योजना शुरू की गई थी। करीब सात करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में पूरा हुआ और लोक निर्माण विभाग (बीएंडआर शाखा) ने इसे नगर निगम को सौंप दिया।
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अप्रैल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इसका उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद उम्मीद थी कि बाजार क्षेत्र में पार्किंग की समस्या का समाधान होगा, लेकिन नौ वर्ष बाद भी पार्किंग शुरू नहीं हो सकी है। इस दौरान निगम में लगातार नए आयुक्त आते रहे, मगर परियोजना फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी।
नगर निगम अब इस पार्किंग को चालू करने की एक और कोशिश में जुटा है। अधिकारियों का दावा है कि अगले सप्ताह नए निगम आयुक्त नरेंद्र सिंह के समक्ष फाइल रखी जाएगी और नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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चार बार टेंडर, फिर भी नहीं मिली सफलता
नगर निगम पिछले एक दशक में चार बार इस पार्किंग को ठेके पर देने के लिए टेंडर जारी कर चुका है। तीन बार तो कोई बोलीदाता सामने ही नहीं आया। एक बार किला रोड के व्यापारी हैप्पी अनेजा ने ठेका लिया, लेकिन मात्र दो महीने बाद ही ठेका छोड़ दिया। इसके बाद से पार्किंग फिर बंद पड़ी है।
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व्यापारियों और निगम के बीच फंसा मामला
किला रोड और आसपास के व्यापारी चाहते हैं कि उन्हें दोपहिया वाहनों के लिए मुफ्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उनका तर्क है कि यदि व्यापारियों को सुविधा मिलेगी तो पार्किंग का उपयोग बढ़ेगा और यह सफल हो सकेगी। हालांकि, नगर निगम इस मांग को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। व्यापारियों का सहयोग न मिलने और वाहनों के पर्याप्त संख्या में न आने की आशंका के चलते ठेकेदार भी जोखिम लेने से बच रहे हैं।
पार्किंग बंद, ग्राहक और व्यापारी परेशान
पार्किंग चालू न होने का खामियाजा आम लोगों, ग्राहकों और दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। ग्राहक अपने दोपहिया वाहन दिल्ली रोड पर पुल के नीचे खड़े करने को मजबूर हैं, जहां लगातार ट्रैफिक के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं बाजार में सख्ती बढ़ने के बाद व्यापारी और कर्मचारी तंग गलियों में वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
7.43 करोड़ खर्च, फिर भी शून्य आय
भवन निर्माण पर खर्च : लगभग 7 करोड़ रुपये
वर्ष 2025 में मरम्मत पर खर्च : 43 लाख रुपये
कुल खर्च : 7.43 करोड़ रुपये
अब तक आय : शून्य रुपये
एक दशक में बदले 10 आयुक्त
अप्रैल 2017 से अब तक अतुल कुमार, धर्मेंद्र सिंह, आरएस वर्मा, प्रदीप गोदारा, नरहरि बांगड़, धीरेंद्र सिंह खड़कटा, जितेंद्र कुमार, ब्रह्मजीत सिंह रांगी, डॉ. आनंद शर्मा और वर्तमान आयुक्त नरेंद्र सिंह नगर निगम की कमान संभाल चुके हैं। वहीं मेयर पद पर कांग्रेस की रेणु डाबला, भाजपा के मनमोहन गोयल और वर्तमान में रामअवतार वाल्मीकि कार्यरत रहे हैं।
वर्जन
शहीद भगत सिंह पार्किंग में मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। अगले सप्ताह फाइल आयुक्त नरेंद्र सिंह के समक्ष रखी जाएगी, ताकि नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सके। निगम जल्द पार्किंग को चालू करने का प्रयास कर रहा है। -संदीप बतरा, भू अधिकारी, नगर निगम।
वर्जन
पीजीआई की तर्ज पर व्यापारियों को भी मुफ्त पार्किंग सुविधा दी जानी चाहिए। व्यापारी पार्किंग को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं। -दीपक पुनियानी, प्रधान, किला रोड बाजार।।
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15-किला रोड स्थित भगत सिंह पार्किंग में खाली पड़ी जगह। संवाद

15-किला रोड स्थित भगत सिंह पार्किंग में खाली पड़ी जगह। संवाद

15-किला रोड स्थित भगत सिंह पार्किंग में खाली पड़ी जगह। संवाद

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