रोहतक। शहर की साढ़े पांच लाख की आबादी के घरों तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने के लिए शनिवार को महापौर मनमोहन गोयल ने झज्जर रोड स्थित जवाहर लाल नेहरू नहर पर नवनिर्मित क्रॉस रेगुलेटर का शुभारंभ किया। दावा है कि इससे नहर में 98 करोड़ लीटर पानी स्टोर किया जा सकेगा, जोकि नहर बंद होने के बाद काम आएगा। दूसरी ओर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की हकीकत यह भी है कि जेएलएन व बीएसबी नहरों से जल घर के वाटर टैंकों तक पानी पहुंचाना भी चुनौती है। बोहर से जल घर तक पानी ले जाने के लिए बने रजबाहे में झाड़ियां उगी हैं और गंदगी जमा है। पहले यह नाला ओपन था तो जाम के दौरान पानी सड़क पर बहता था और सही हो जाता था। लेकिन अब यहां पाइप डाल दिए गए हैं। इसमें मिट्टी जमा है, झाड़ियां हैं। इसके कारण पूरा पानी जल घर तक पहुंच ही नहीं पाता और लोगों को हर मौसम में पेयजल किल्लत झेलनी पड़ती है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जूनियर से लेकर चंडीगढ़ के शीर्ष अधिकारी तक परेशान हैं कि जल घर के वाटर टैंकों की क्षमता कैसी बढ़ाई जाए। इंजीनियरों ने अपने-अपने आइडिया भी दिए। अमृत योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर वाटर टैंकों में जमा मिट्टी भी निकलवाई गई। इसके बावजूद पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिला परियोजना समिति की बैठक में विभाग की दो बार मुख्य रूप से गृह मंत्री अनिल विज व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के समक्ष किरकिरी भी हो चुकी है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। हाल ही में सिंचाई विभाग ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 500 क्यूसेक पानी दिया। इस हिसाब से विभाग को दस करोड़ लीटर पानी मिला और एक समय में विभाग पांच करोड़ लीटर पेयजल सप्लाई करता है। इसके बावजूद पानी की राशनिंग जारी है। विभाग नहर पानी न होने की बात कह कर पल्ला झाड़ता है, जबकि सिंचाई विभाग की ओर से इन दिनों नहरों के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वर्जन
जेएलएन व बीएसबी नहर में समय पर पानी आ रहा है। यहां कोई शेडयूल नहीं बदला गया है। नहर महज एक सप्ताह बंद होती है। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को अपना स्टोरेज रखना होता है। इनकी डिमांड पर 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
- अरूण मुंझाल व राम निवास, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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नहर बंद होने के बाद भी स्टोर रहेगा 98 करोड़ लीटर पानी
रोहतक। शहर को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध करवाने के लिए जवाहर लाल नेहरू नहर पर नव निर्मित क्रॉस रेगुलेटर का शुभारंभ शनिवार को महापौर मनमोहन गोयल ने किया है। इससे नहर बंद होने के बाद भी 98 करोड़ लीटर पेयजल स्टोर करना आसान होगा। वाटर टैंकों में पानी कम होने पर यहां से पानी लिफ्ट कर जल घर तक ले जाया जाएगा और स्टोरेज की समस्या का समाधान हो जाएगा।
मेयर मनमोहन गोयल ने हरियाणा सरकार के सहयोग से शनिवार आमजन की प्रमुख समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है। इसके लिए वह लगातार मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संपर्क में थे। उन्होंने झज्जर रोड पर नव निर्मित क्रॉस रेगुलेटर का नारियल तोड़ कर उद्घाटन करते हुए कहा कि यह रेगुलेटर रोहतकवासियों को निरंतर जल की आपूर्ति करने में अवश्य ही वरदान साबित होगा। यहां नहर बंद होने के सात दिनों तक पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध करवा सकेगा। इस अवसर परवरिष्ठ उपमहापौर राजकमल सहगल, वार्ड 6 से पार्षद सुरेश किराड़, वार्ड 11 से पार्षद कदम सिंह अहलावत, मनोनीत पार्षद अमित बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, किसान मोर्चा के राजकुमार सुनारिया, सुनारिया मंडल अध्यक्ष संदीप बुधवार, अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुलविंदर सिक्का, सिंचाई विभाग के अधिकारी, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
पिता के नक्शेकदम पर चले महापौर
वर्ष 1986 में भालौठ सब ब्रांच नहर पर महापौर के पिता पदमश्री सेठ किशन दास ने अपने कार्यकाल में लोगों को पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए जेएलएन नहर पर रेगुलेटर लगवाया है। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए 15 अक्तूबर को महापौर ने यह कार्य किया है। बीएसबी पर लगा रेगुलेटर अभी भी दिन रात कार्यरत है। इसी तरह महापौर ने जेएलएन नहर पर रेगुलेटर लगवा कर रोहतकवासियों की समस्या समाप्त करने का प्रयास किया है।