उचाना। शहर के कन्या स्कूल के पास स्थित कान्हा सेवा सदन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक अरविंद शास्त्री ने कहा कि अगर प्रेम और भक्ति जीवन में है तो भगवान अमीरी और गरीबी नहीं देखते, उसे अपने दिल से लगा लेते है।
सुदामा कृष्ण के बचपन के सखा हैं। गरीब हैं लेकिन दरिद्रता नहीं है जितेंद्रिय हैं। चावल लेकर द्वारकाधीश से मिलने गए। भगवान ने चावल खाया और सुदामा को कुबेर का खजाना दे दिया। इतने दयालु हैं भगवान। भजन ही मानव जीवन का सार हैं। भजन से ही कल्याण होगा। जीव की सद्गति भगवान के नाम से ही होगी।
शास्त्री ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा ही भगवान की प्राप्ति कराने वाली है। यह कथा मृत्यु के भय को दूर करके भगवान की ओर आगे बढ़ाती है और भक्ति के साथ-साथ हमारे ज्ञान वैराग्य को बल देती है। श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान नारायण के अवतारों का ही वर्णन है।
श्रीमद्भागवत कथा भगवान विष्णु के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती हैं। यह कथा मनुष्य को सांसारिक मोह माया से मुक्ति दिलाकर, भगवान के साथ उसका संबंध स्थापित करने में मदद करती है।
इस मौके पर ओमप्रकाश शर्मा भौंगरा, रामनिवास बुडायन, पप्पू दनौदा, विकास पंघाल, सुशील जैन, उमा गर्ग, रोशन लाल, विनोद बंसल, मनोज जैन, कैलाश बंसल, मौसम श्योकंद, सुनील बुडायन, सज्जन घोघडिय़ां, कर्मबीर शर्मा, निरंजन गर्ग, हरिकेश छात्तर और राजा बुडायन भी मौजूद रहे।