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चप्पल दिखाते हुए महिला बोली, खुद पी रहे साफ, हमें पिला रहे गंदा पानी, पिटकर ही मानेंगे क्या...

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अधिकारी को चप्पल दिखाती महिला। अमर उजाला
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शीतल नगर निवासियों का पेयजल समस्या पर गुस्सा मंगलवार को जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर फूटा। पेयजल को लेकर विरोध कर रहे लोगों ने कार्यकारी अभियंता (पेयजल) भानू प्रकाश व कार्यकारी अभियंता (सीवरेज) तरुण कुमार पर अपना गुस्सा उतारा। नौबत यह आई कि महिलाओं ने चप्पल दिखाते हुए कहा कि खुद अधिकारी साफ पानी पीते हैं और हमें गंदा पानी पिला रहे हैं। अब क्या अधिकारी पिटकर ही मानेंगे। क्योंकि शिकायत सुनकर तो कोई समाधान नहीं कर रहा है।
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मंगलवार को झज्जर रोड स्थित पब्लिक हेल्थ के एसई कार्यालय में तकरीबन डेढ़ घंटे तक बवाल हुआ। इस दौरान महिलाएं हाथ में चप्पल लेकर अधिकारी की तरफ बढ़ी, लेकिन गनीमत रही कि भीड़ में लोगों ने महिला को रोका और अधिकारी को बचा लिया। वहीं डिप्टी मेयर अनिल कुमार ने मौके पर एलान किया कि यदि पेयजल की समस्या का निदान नहीं हुआ तो वे लोगों के साथ ही भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। बात बिगड़ती देख अधिकारियों ने महम से मोटर मंगवाकर उसे लगवाया और पेयजल आपूर्ति बहाल की। इसके बाद लोग शांत हुए।
दस दिन का गुस्सा डेढ़ घंटे में उतरा
दस दिन से पेयजल समस्या से परेशान शीतल नगर के लोगों का गुस्सा डेढ़ घंटे में उतरा। इसी समस्या के चलते विगत दिनों लोगों ने चार घंटे तक झज्जर चुंगी पर जाम लगाया था। पुलिस के दखल पर रात दस बजे पानी आपूर्ति बहाल की गई तो जाम खुला। जाम लगने के अगले दिन ही पेयजल आपूर्ति फिर बाधित हो गई। इसकी शिकायत लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर मंगलवार को लोग भड़क गए और एकजुट होकर अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में पहुंच गए।
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय में रहे मौजूद
गुस्साई भीड़ का हंगामा दोनों कार्यकारी अभियंताओं के अलावा अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता के सामने हुआ। हंगामा बढ़ता देख एसई राजीव गुप्ता अपने कार्यालय में चले गए। डिप्टी मेयर अनिल शर्मा ने कहा कि हैरानी की बात है कि जनता पानी के लिए तरस रही है और कोई स्थायी निदान नहीं हो रहा है। अधिकारी काम करने की बजाय बहानेबाजी करते हैं।
बदबूदार पानी का क्या करें, सिर पर लाना पड़ता है पानी
डिप्टी मेयर अनिल कुमार, जय भगवान, नरेश कुमार, कपिल, आनंद, वीरेंद्र कुमार, शीतल, लक्ष्मी, मनीषा, पूजा, रुकसाना, मीना आदि ने बताया कि कई दिनों से पानी नहीं मिल रहा है। पानी आता है, तो बदबूदार होता है। दूरदराज से पानी सिर पर लाना पड़ता है। जन स्वास्थ्य विभाग समस्या सुनने के बाद भी समाधान नहीं करता।
हंगामे के चार घंटे बाद छोड़ा पानी
मंगलवार को हंगामे के चार घंटे बाद विभाग ने पेयजल आपूर्ति बहाल की। अधिकारियों ने महम से पुरानी मोटर मंगवाकर पानी सप्लाई शुरू की। जब लोगों का गुस्सा शांत हुआ तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। कार्यकारी अभियंता भानुप्रकाश ने कहा कि लगातार दो घंटे पानी की आपूर्ति की गई है, ताकि अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके। बुधवार को भी दो घंटे पानी की आपूर्ति की जाएगी। मोटर की समस्या न आए, इसके लिए दूसरी मोटर भी मंगवाकर रख ली गई है। यदि एक मोटर खराब होती है तो इसे बदल दिया जाएगा।
मोटर खराब होने की वजह से शीतल नगर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विगत दिनों मरम्मत करके मोटर को चालू कर दिया गया था मगर दोबारा से खराबी आ गई। अब मोटर को सही करवाकर समस्या का निदान करवा दिया गया है।
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- राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
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