लाखनमाजरा। कस्बे के निजी अस्पताल का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। थाना प्रभारी रवींद्र कुमार ने सीएमओ को पत्र लिखकर श्री श्याम मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के दावों व उपचार की सुविधाओं की जांच की मांग की है। जवाब में अस्पताल के मैनेजर पंकज का कहना है कि पुलिस उनके अस्पताल की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। इसकी एसपी गौरव राजपुरोहित को शिकायत दी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि अपराध जांच शाखा के साथ लाखनमाजरा थाने की टीम ने भी अस्पताल की जांच की। जांच में पता चला कि अस्पताल का लेबर एक्ट के तहत पंजीकरण कराया गया है जबकि हरियाणा क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण होना चाहिए। जिला स्तर पर एक्ट के तहत गठित कमेटी के चेयरमैन डीसी हैं। पत्र में पुलिस ने जिक्र किया है कि अस्पताल में एक बीएएमएस डॉक्टर धीरज हैं। अन्य के पास अभी उचित डिग्री नहीं है।
पुलिस बेवजह उनके अस्पताल की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। उन्हाेंने तो 2025 में ही अस्पताल शुरू किया है। पंजीकरण का कार्य देखना स्वास्थ्य विभाग का काम है, पुलिस को नहीं। एसपी को पूरे मामले की शिकायत दे चुका हूं।
- पंकज, मैनेजर श्री श्याम मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल
यह था मामला
2024 में लाखनमाजरा सीएचसी की इंचार्ज डॉक्टर भावना ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 2022 व 2023 में एक ही व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। पहली मौत लाखनमाजरा स्थित केडी अस्पताल व दूसरी वेदांत अस्पताल में दिखाई गई है। आरोप था कि 2025 में अस्पताल का नाम श्री श्याम मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल रख दिया गया। एसपी कार्यालय की आर्थिक अपराध जांच शाखा ने सोहन लाल नामक व्यक्ति को मामले में गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था। बुधवार को टीम आरोपी को लेकर अस्पताल में पहुंची थी। तभी से विवाद गहराया हुआ है।