रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के स्क्रीन एक्टिंग के छात्र शिवम पांडे की शॉर्ट फिल्म ‘जगत का देस’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई है। फिल्म का प्रदर्शन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू और कश्मीर-2026 और बांग्लादेश के 17वें इंटरनेशनल इंटर यूनिवर्सिटी फेस्टिवल में हुआ है। इसका आयोजन 7 से 10 सितंबर तक हुआ था।
करीब 14 मिनट 36 सेकंड की भोजपुरी और हिंदी भाषा की यह फिल्म प्रवास, विस्थापन, स्मृति, पहचान, प्रेम और अपनी मिट्टी से जुड़े रिश्ते की कहानी कहती है। फिल्म का मुख्य किरदार जगत एक प्रवासी मजदूर है, जो बेहतर जीवन की तलाश में गांव छोड़कर दूर जाता है, लेकिन अपने साथ गांव की मिट्टी, यादें और अधूरे रिश्ते लेकर चलता है।
1269 फिल्मों में मिली जगह
बांग्लादेश के 17वें इंटरनेशनल इंटर यूनिवर्सिटी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल के आधिकारिक चयन संचार के अनुसार, इस बार 92 देशों से करीब 1269 फिल्मों की प्रविष्टियां मिली थीं। इनमें ‘जगत का देस’ को भारत की ओर से ऑफिशियल सेलेक्शन मिला है। फिल्म की एडिटिंग राहुल कात्याल, सिनेमैटोग्राफी हर्षित ढल्ल तथा लोकेशन, मिक्स और डिजाइन रोहित चौहान ने किया। फिल्म में शिवम पांडे के साथ चेतना सरसर, संदीप, अरुण और सान्या शर्मा ने अभिनय किया है। निर्माता डीएलसीसुपवा है। यह सातवें सेमेस्टर के कैरेक्टराइजेशन प्रोजेक्ट-सोलो फिल्म के तहत तैयार की गई थी।