सीवरेज व पेयजल की समस्या को लेकर निगम पार्षदों व अधिकारियों के बीच बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों ने पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के साथ निगम अधिकारियों को भी खरी-खरी बातें सुनाईं। वार्ड नंबर 10 के पार्षद राहुल देशवाल ने निगम प्रशासन पर आरोप जड़ा कि कन्हेली गांव के लाल डोरे के बाहर अवैध एरिया में 4 एकड़ जमीन में सीवरेज लाइन बिछाई गई है। इसका जिम्मेदार कौन है। निगम आयुक्त ने कार्यकारी अभियंता से मामले में पूरी रिपोर्ट तलब की है। वहीं, सीनियर डिप्टी मेयर बैठक में पुराने शहर में हो रही गंदे पानी की सप्लाई से अवगत कराने के लिए बोतल में गंदा पानी भरकर लाए और अधिकारियों को दिखाया।
हाउस की बैठक में पार्षदों ने सीवरेज लाइन की सफाई व पेयजल की किल्लत को लेकर आवाज उठाई थी। इसके चलते मंगलवार को पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के साथ दोपहर तीन बजे निगम आयुक्त कार्यालय में बैठक बुलाई गई। बैठक दोपहर 3 बजे शुरू हुई। वार्ड नंबर 1 के पार्षद कृष्ण सहरावत, 2 से महिला पार्षद प्रतिनिधि, 5 से महिला पार्षद के प्रतिनिधि, 6 से पार्षद सुरेश किराड़, 8 से सुनील कुमार, 9 से जयभगवान ठेकेदार, 10 से राहुल देशवाल, 11 से कदम सिंह, 12 से महिला पार्षद प्रतिनिधि, 14 से पार्षद राधेश्याम ढल, 16 से महिला पार्षद प्रतिनिधि, 17 से सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, 18 से महिला पार्षद प्रतिनिधि, 19 से महिला पार्षद प्रतिनिधि व 21 से डिप्टी मेयर ने अपने वार्ड में सीवरेज की सफाई न होने व पेयजल की कमी की समस्या सामने रखी। पब्लिक हेल्थ के अधिकारी भानु प्रताप, बिजेंद्र मलिक व एसडीओ कंचन ने विभाग की तरफ से जवाब दिए। साथ ही व्यापारी नेता राजू भुटानी के अलावा दोनों विभागों के दूसरे अधिकारी भी बैठक में पहुंचे।
---
मुख्य गलियों में हो रही खानापूर्ति, साइड की गलियां छोड़ी जा रहीं
पार्षदों ने बैठक में आरोप लगाया कि ठेकेदार के कर्मचारी मुख्य गलियों की बार-बार कहने पर सफाई करते हैं। कई दिन तक कचरा सड़क व गली में पड़ा रहता है। निगम से ही उस कचरे को उठवाना पड़ता है। कई बार तो मशीन के अंदर जाले तक लग जाते हैं, लेकिन ठेकेदार के कर्मचारी मशीन हटाने नहीं आते। इससे आम लोग परेशान होते हैं। अधिकारियों ने कहा कि अब सफाई करने के बाद पार्षद को मौके का मुआयना करवाएंगे।
----
ठेकेदार कर रहा मनमानी, विभाग ने दो साल बाद भी नहीं बांटा शहर पांच जोन में
पार्षदों ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले चंडीगढ़ से बड़े अधिकारी रोहतक आए और शहर को सीवरेज व्यवस्था के हिसाब से पांच जोन में बांटने का आश्वासन दिया। हर जोन का अलग ठेकेदार रखा जाएगा। अब तक कुछ नहीं हुआ। पार्षदों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार के कर्मचारी सुनवाई नहीं करते।
---
साहब! सेक्टरों के वाटर स्ट्रोम लाइन तो साफ करवा दीजिए
वहीं, वार्ड नंबर 11 के पार्षद कदम सिंह ने अधिकारियों को बताया कि सेक्टर 1, सेक्टर 2 व दूसरे एरिया में सीवरेज की सफाई नहीं हो रही। स्ट्रोम वाटर लाइन बंद पड़ी है। पानी की भी किल्लत है। जवाब में पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने कहा कि अभी सीवरेज व पेयजल लाइन एचएसवीपी के पास है। वहां के अधिकारी सुनवाई नहीं करते। इस पर कदम ने कहा कि स्ट्रोम वाटर तो निगम के पास है। कम से कम उसकी तो सफाई करवा दीजिए, ताकि बारिश के मौसम में घरों में पानी न जाए। निगम आयुक्त ने कार्यकारी अभियंता मंजीत दहिया को निर्देश दिए कि जल्द टेंडर लगाकर स्ट्रोम वाटर लाइन की सफाई करवाएं। साथ ही समस्या का स्थायी समाधान निकालें।
---
शहर में पेयजल की समस्या का मुख्य कारण वाटर वर्कर्स की स्टोरेज क्षमता कम होना है। वाटर वर्कर्स नंबर 1 व 2 के वाटर टैंकों की सफाई होने के बाद भी क्षमता नहर बंद रहने के बाद 8 दिन तक दोनों समय पानी आपूर्ति की है। जबकि पिछले दिनों 22 दिन में नजर आई। इस कारण एक समय पानी की आपूर्ति की गई। जैसे-जैसे स्टोरेज क्षमता बढ़ेगी, पानी की आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। बाकी जहां लाइन की किल्लत हैं, उसे ठीक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर टेंकर से पानी भेजा जा रहा है।
-भानु प्रताप, कार्यकारी अभियंता पब्लिक हेल्थ।
--------
पानी व सीवरेज की समस्याओं का नगर निगम व पब्लिक हेल्थ मिलकर समाधान करेंगे। कंट्रोल रूम सफाई मित्र पर आने वाली शिकायतों को पब्लिक हेल्थ के पास भेजा जाएगा। तत्काल समाधान करवाकर शिकायतकर्ता को जवाब दिया जाएगा। जहां तक एक पार्षद द्वारा अवैध कॉलोनी में चार एकड़ में सीवरेज लाइन बिछाने के आरोप का सवाल है, उसकी जांच के आदेश दिए हैं। कार्यकारी अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है।
-प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
....
पब्लिक हेल्थ के बड़े अधिकारी आएं सड़क पर, तब सुधरेंगे हालात
शहर में सीवरेज व पानी की समस्या का समाधान आफिस में प्लानिंग व बैठक करने से नहीं, बल्कि धरातल पर आने से होगा। पब्लिक हेल्थ के बड़े अधिकारी हर रोज शहर का दौरा करेंगे। ताकि कर्मचारियों व ठेकेदारों पर दबाव रहे। क्योंकि ठेकेदार सही तरह से सीवरेज लाइन की सफाई नहीं करते। इस कारण बार-बार सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होती है। पानी की किल्लत तभी दूर होगी, जब अमृत प्रोजेक्ट के तहत बन रही लाइन पूरी तरह चालू हो जाएंगी। -मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
.....
कन्हेली गांव के लाल डोरे के बाहर अवैध कॉलोनी के अंदर 4 एकड़ एरिया में सीवरेज लाइन बिछा दी गई। आम आदमी का हर कार्य अवैध कॉलोनी बताकर मना करने वाले अधिकारी जवाब दें। अधिकारी साथ चलें, मैं मौके पर लेकर चलूंगा। अवैध तरीके से बिछाई गई सीवरेज लाइन को उखाड़ा जाए। इसके अलावा शहर के चारों तरफ अवैध कॉलोनी काटी जा रही हैं। वहां निगम कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
-राहुल देशवाल, पार्षद वार्ड नंबर 10