झज्जर। जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची मांगी गई है। अब तक तीन ब्लाॅक की सूची विभाग को मिली है जिनमें सात निजी स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। अब इन स्कूलों को नोटिस भेजा जाएगा।
जिन 7 स्कूलों की सूची आई है, उनमें दो स्कूल साल्हावास, दो स्कूल मातनहेल और तीन स्कूल बेरी ब्लाक में हैए हालांकि इन स्कूलों के नामों की जानकारी अभी शिक्षा विभाग ने सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों की माने तो सभी ब्लाक से सूची आने के बाद उसे मुख्यालय भेजा जाएगा और संबंधित गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उसके बाद भी नहीं किया गया तो जुर्माना किया जाएगा और फिर भी स्कूल चलते मिलेंगे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन 7 स्कूलों लगभग तीन हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ाए जा रहे हैं। दो ब्लाॅक से सूची आने में देरी हो रही है। झज्जर ब्लाक की सूची भी जिला मुख्यालय भेजी गई, लेकिन उनमें त्रुटियां होने के कारण दोबारा मांगा गया है। बहादुरगढ़ ब्लाक से सूची आने में समय लग रहा है। पिछले चार दिनों से बार-बार जिला मुख्यालय से पत्राचार व मौखिक बातचीत के बाद भी सूची जारी नहीं हो सकी है।
कई निजी स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षा चल रही
जिले के कई निजी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास मान्यता तो कम कक्षाओं की, लेकिन वह दसवीं और बारहवीं कक्षा तक पढ़ा रहे हैं। नियम के अनुसार जहां तक स्कूल की मान्यता है, केवल उन्हीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाया जा सकता है। पिछले सप्ताह साल्हावास खंड की बीईओ ने दो स्कूलों के निरीक्षण में ऐसी ही खामियां पाई थी। इसमें एक स्कूल आठवीं की मान्यता का था, लेकिन वहां दसवीं तक बच्चे पढ़ाए जा रहे थे जबकि दूसरे निजी स्कूल के पास दसवीं की मान्यता थी, लेकिन वह बारहवीं तक बच्चे पढ़ाते मिले थे।
कक्षाएं कहीं लग रही, दाखिले किसी अन्य स्कूल में चल रहे
विभाग अधिकारियों ने निरीक्षण में पाया है कि जिन स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं लग रही है, उनमें कक्षाएं किसी स्कूल में लगाई जा रही हैं और दाखिले किसी अन्य स्कूलों में दिखाए गए हैं।
दो ब्लाॅक से सूची आने में देरी
वर्जन
गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची सभी बीईओ से मांगी गई है। कुछ बीईओ ने सूची भेज दी है और कुछ की बाकी है। पूरे जिले की सूची आने के बाद मुख्यालय को भेज दी जाएगी। गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चला रहे लोगों को नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद मुख्यालय के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।
सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर