कोरोना का असर शहर के मुकाबले गांव में अधिक हो रहा है। बुधवार को सायं पांच बजे तक जिले में सात नये कोरोना के मरीजों की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है। इसमें अधिकांश मरीज ग्रामीण एरिया के हैं। इन मरीजों के भी संपर्क दिल्ली, गुरुग्राम के हैं। हालांकि देर सायं पीजीआईएमएस से आई जांच रिपोर्ट में सात और पॉजिटिव केस मिले हैं, इनकी कांटेक्ट हिस्ट्री स्वास्थ्य विभाग वीरवार को खंगालेगा। वहीं, पीजीअईएमएस ने कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए दिल्ली पैटर्न अपनाते हुए कम गंभीर पॉजिटिव मरीजों को होम क्वारंटीन करना शुरू कर दिया है। बुधवार को पहले दिन 10 मरीजों को होम क्वारंटीन किया गया।
पीजीआईएमएस की वायरोलॉजी लैब के अनुसार बुधवार सात कोरोना के केस मिले हैं। इसमें से घुसकानी व खिडवाली के संक्रमित मरीज बहादुरगढ़ हैं। इनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। इसके अलावा गांव रिठाल, बालंद, कबूलपुर से भी एक-एक कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि शहर में जगदीश कॉलोनी व विशाल नगर से एक-एक संक्रमित मिला है। बताया जा रहा है कि बालंद का संक्रमित व्यक्ति पीजीआईएमएस के ऑर्थो विभाग में अपने किसी परिचित मरीज से मिलने आया था। इसमें अलावा कबूलपुर का मरीज दिल्ली एक ब्लड बैंक में काम करता है। विभाग के अनुसार कबूलपुर का संक्रमित मरीज 23 मार्च को गुजरात से दिल्ली आया था। यहां से वह गांव आया। इसके बाद 25 मई को दोबारा दिल्ली गया और 27 मई को लौटा। 29 मई को मरीज को बुखार की शिकायत हुई तो जिला अस्पताल में उसने जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इसके संपर्क में आए तीन लोगों की कांटेक्ट हिस्ट्री तलाशी गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके परिवार के 20 लोगों को सैंपल लेकर होम क्वारंटीन किया है।
समचाना का ट्रक ड्राइवर भी मिला संक्रमित
कोरोना संक्रमण के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को समचाना गांव में दूसरा संक्रमित केस मिला है। रिपोर्ट आने के बाद डॉ. विशाल चौधरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और संक्रमित व्यक्ति के परिवार के अलावा 35 अन्य लोगों के सैंपल लिए। डॉक्टर ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति ट्रक ड्राइवर है। दो माह पहले उसने टेस्ट कराया था, उस समय जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब उसे फिर गले में दिक्कत थी। मंगलवार को पीजीआईएमएस में दोबारा जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इससे पहले गांव का दिल्ली पुलिस का जवान संक्रमित मिला था। विभाग की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अलग-अलग गांव के करीब 50 लोगों के सैंपल लिए। पुलिस ने संक्रमित पाए जाने के बाद मरीज की गली को सील कर दिया है। अब तक सांपला इलाके में 21 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं।
जिन संक्रमितों को उपचार की जरूरत नहीं, उन्हें हिदायत देकर भेजा घर
रोहतक। पीजीआईएमएस रोहतक ने भी कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए कम गंभीर पॉजिटिव मरीजों को होम क्वारंटीन करना शुरू कर दिया है। बुधवार को पहले दिन 10 मरीजों को होम क्वारंटीन के आदेश दिए। सभी को हिदायत दी गई कि वह घर के बाहर न जाएं और अपना ध्यान रखें। यदि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो वह तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पीजीआईएमएस ने बुधवार को जनसेवा संस्थान के प्रभारी सहित एक अन्य पॉजिटिव व्यक्ति, जगदीश कॉलोनी, शिवाजी कॉलोनी, विजय नगर व गुरुचरण पुरा के मरीजों को होम क्वारंटीन किया है। इसके अलावा गुरुग्राम, दिल्ली, जींद व सोनीपत के संक्रमित मरीज को भी पीजीआई से छुट्टी दी गई है। पीजीआईएमएस के डॉक्टरों का कहना है कि इन मरीजों को उपचार की जरूरत नहीं है। इसलिए इन्हें होम क्वारंटीन रखा जाएगा। होम क्वारंटीन उन्हीं कोरोना पॉजिटिव मरीजों को किया जा रहा है, जिनके घर पर अलग रहने की व्यवस्था है। मरीज के घर अलग कमरा व अलग बाथरूम होना चाहिए, ताकि वह किसी अन्य को संक्रमित न कर सके। किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है।
मामूली लक्षण वालों को ही करेंगे होम क्वारंटीन
प्रदेश के कोरोना प्रमुख नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी के अनुसार संक्रमित मरीज को यदि मामूली या बहुत कम लक्षण हैं तो उसे अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है। ऐसे मरीजों को घर पर होम क्वारंटीन किया जा सकता है। इनके लिए जरूरी होगा कि ये अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर चालू रखें। इसके अलावा मरीज को बताया जाएगा कि वह हर समय अपने मुंह पर मास्क रखे। यदि उसे सांस लेने में तकलीफ या दर्द की समस्या हो, छाती पर दबाव आ रहा हो, मानसिक तनाव और होंठ व चेहरे पर कुछ परिवर्तन लग रहा हो तो वह अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकता है। इसके लिए मरीज से सेल्फ डिक्लेरिएशन भी ली जाएगी।
जिले में सात कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। बाकी अन्य मरीजों की जांच रिपोर्ट को अगले दिन के बुलेटिन में शामिल किया जाएगा। जो मरीज कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है, उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री तलाशी जा रही है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन