रोहतक। जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शनिवार को अलग वार्ड बना दिया गया है। इसमें सात मरीजों को दाखिल भी किया गया है। वहीं अस्पताल की लैब में प्लेटलेट्स व रक्त की जांच शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को रिजेंट समाप्त होने के चलते जांच रूक गई थी। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शनिवार को विभाग ने रिजेंट (रक्त जांच में प्रयुक्त एक प्रकार का रसायन) लाकर काम शुरू कर दिया है और दावा किया है कि मरीजों की जांच नहीं रुकेगी।
शनिवार को चंडीगढ़ से डेंगू को लेकर की गई व्यवस्थाओं की जांच करने टीम पहुंची। इसमें डेंगू के मरीजों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया गया। प्रशासन ने डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना दिया है ताकि एक मरीज से अन्य मरीजों को डेंगू न हो। इसके साथ ही सभी मरीजों के लिए अलग-अलग मच्छर दानी की व्यवस्था की गई है। जांच टीम में डिप्टी डायरेक्टर मलेरिया डॉ. राकेश सैनी, प्रवीण कुमार व अन्य शामिल रहे। टीम ने बीमारी को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की रिपोर्ट ली।
डेंगू के संक्रमण काल में प्लेटलेट्स व रक्त जांच करवाने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो जाता है। ऐसे में रिजेंट समाप्त होते ही हड़कंप मच गया और मरीजों को निजी लैब व पीजीआईएमएस जाना पड़ा। जब मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो अन्य जगह से रिजेंट लाया गया और जांच शुरू की गई। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही उनके पास रिजेंट आ जाएगा वह संबंधित केंद्र का रिजेंट लौटा देंगे।
मरीजों की जांच नहीं रुकेगी, रिजेंट का इंतजाम कर दिया गया है। हमारा रिजेंट भी जल्द आ जाएगा, मरीजों की जांच में कोई कमी नहीं आएगी। हम हर तरह से डेंगू से लड़ने को तैयार हैं। आमजन से अनुरोध है कि सभी मिल कर डेंगू को फैलने से रोके। स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें और साफ पानी एकत्रित न होने दें।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन