राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में बुधवार 10 दिवसीय शिविर में छात्राओं को आत्मरक्षा के लि
राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में बुधवार से 10 दिवसीय शिविर लगाया गया है। इसमें करीब 100 छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। शिविर में ताइक्वांडो एक्सपर्ट रणबीर जोन व अजय कुमार छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे रहे हैं। शिविर छात्राएं राह चलते कोई हाथ पकड़ ले तो उसकी गिरफ्त से अपना हाथ छुड़ाना और पलटकर उस पर वार करने की मार्शल आर्ट्स की प्राथमिक विधा से रूबरू हुईं। छात्राओं को किक मारने और पंच बांधकर वार करने का सही तरीका बताया गया।
ताइक्वांडो एक्सपर्ट रणबीर जोन ने बताया कि मार्शल आर्ट्स का मतलब ही खाली हाथ होता है। यह खाली हाथ लड़ाई लड़ने और अपना बचाव करने की कला होती है। इस आर्ट के जरिये हम हमलावर के हाथों से बंदूक, चाकू, लाठी, तलवार और हर वो हथियार छीन सकते हैं, जिससे वह हम पर हमला करना चाहता है। इसके साथ ही अपने बचाव के लिए हमें किसी हथियार की नहीं बल्कि अपने शारीरिक और मानसिक बल की जरूरत है। किसी भी कला का प्रयोग हम तब तक नहीं कर पाएंगे, जब तक मानसिक रूप से उसके लिए तैयार न हो। इसलिए इन 10 दिनों में छात्राओं को मार्शल आर्ट्स सीखाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सबल बनाया जाएगा, ताकि वह हर हालात के लिए तैयार रहें और आत्मरक्षा कर सकें। इसमें ब्लॉक, पंच, किक, हॉफ किक से लेकर सभी प्रकार के गुर सिखाएं जाएंगे।
पंच : दुश्मन के हमले से बचने और उस पर हावी होने के लिए सामने खड़े व्यक्ति की कॉलर को एक हाथ से पकड़ने के बाद पंच को सीधे मुंह पर मारते हैं। सामने वाले व्यक्ति को भी तुरंत एक्शन लेना होता है।
ब्लॉक प्रैक्टिस : ब्लॉक प्रैक्टिस के लिए भी हॉर्स पोजिशन में खड़ा होना चाहिए और एक हाथ को झटके से शरीर के आगे आधा गोला बनाते हुए अटैक किया जाता है। इसमें सामने वाला आप पर पंच अटैक करता है तो फुर्ती से दाएं हाथ से उसके पंच को झटक कर ब्लॉक करें, साथ ही बाएं हाथ से उसका दूसरा हाथ रोकें।
राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में बुधवार 10 दिवसीय शिविर में छात्राओं को आत्मरक्षा के लि