08सीटीके01..सर्कुलर रोड स्थित पत्रकारों से विश्व हिंदू परिषद कार्यालय पर वीरवार को पत्रकारों स
रोहतक। बांग्लादेश हिंसा व अराजकता से ग्रसित है। निर्वाचित प्रधानमंत्री के त्यागपत्र देने और देश छोड़ने के बाद अराजक तत्व हावी हो गए हैं। कानून व्यवस्था निष्प्रभावी हो चुकी है। इस अराजक स्थिति में वहां के अतिवादी जिहादी तत्वों ने हिंदू समाज का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न शुरू कर दिया है। यह कहना है विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन व प्रांत मंत्री वरुण कुमार का। वे वीरवार को डबल फाटक स्थित परिषद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में पिछले कई दिनों से हिन्दू अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और घरों को नुकसान पहुंचाया गया है। बांग्लादेश में हर जिले में यह वीभत्स कुकृत्य होने की सूचना है। मंदिरों को भारी क्षति पहुंचाई गई है। निरंतर अंतराल पर होने वाले ऐसे दंगों का ही परिणाम है कि बांग्लादेश में हिंदू, जो विभाजन के समय 32 थे, अब 8 से भी कम बचे हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं के घर, मकान, दुकान, ऑफिस, व्यवसायिक प्रतिष्ठान व महिलाएं, बच्चे व उनकी आस्था व विश्वास के केंद्र तक सुरक्षित नहीं हैं। वहां पीड़ित अल्पसंख्यक हिंदुओं की हालत बद से भी बदतर होती जा रही है। विश्व समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्यवाही करें। निश्चय ही भारत इस परिस्थिति में आंखें मूंदकर नहीं रह सकता। भारत ने परंपरा से ही विश्वभर के उत्पीड़ित विस्थापितों की सहायता की है। विश्व हिंदू परिषद ने भारत से यह आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए। विकट परिस्थिति का लाभ उठाकर जिहादियों द्वारा सीमा पार से घुसपैठ का एक बड़ा प्रयत्न किया जा सकता है। इससे सतर्क रहना होगा। इसलिए हमारे सुरक्षाबलों के लिए यह आवश्यक है कि सीमा पर कड़ी चौकसी बरतें और किसी भी तरह के अतिक्रमण को न होने दें।