रोहतक। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रोहतक रेलवे प्रशासन के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हो रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। स्टेशन परिसर में बिना जांच के यात्रियों का आना-जाना जारी है और धड़ल्ले से ट्रेनों में सफर कर रहे हैं।
प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध लोगों की जांच तो दूर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती ना के बराबार है। बिना किसी जांच पड़ताल के यात्रियों का रेल परिसर में प्रवेश करना बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। शहर के बाजारों से सामान खरीद कर यात्री रेल से आना जाना कर रहे हैं। प्रवासी यात्री भी अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं लेकिन स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर के समय देखा गया कि स्टेशन पर यात्रियों की न मेटल डिटेक्टर से जांच हुई न ही डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से। प्लेटफार्मों पर रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस के कर्मी भी न के बराबर दिखाई दिए। यह लापरवाही यात्रियों पर भारी पड़ सकती है।
बिना सुरक्षा के यात्री आसनी से विस्फोटक पदार्थ लेकर आ-जा सकता है। प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में पटाखों की बिक्री हो रही है ऐसे में कोई यात्री ट्रेन में पटाखे लेकर प्रवेश कर सकता है।
पिछले वर्ष सुरक्षा में चूक से बोगी में लगी थी आग
पिछले वर्ष 28 अक्तूबर को सुरक्षा में चूक के कारण बोगी में आग लग गई थी। रोहतक के बाजार से एक व्यक्ति गंधक पोटाश खरीद कर ट्रेन में लेकर जा रहा था। सांपला स्टेशन से आगे आउटर पार करते ही ट्रेन में रखा गंधक पोटाश फटने से विस्फोट हो गया और बोगी में आग लग गई। इससे यात्रियों ने ट्रेन की चीन खींचकर जान बचाई। इस हादसे का कारण स्टेशन पर जांच न होना भी माना गया था।
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निर्माण कार्य के चलते नहीं हैं कैमरे चालू
स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई कैमरा भी चालू नहीं है। रेलवे सुरक्षाकर्मियों का कहना कि स्टेशन पर नवीनीकरण कार्य के चलते कोई स्टेशन पर कैमरे चालू नहीं है। हालांकि, यात्रियों की सुरक्षा में दिन में आरपीएफ और जीआरपी के सात सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं जबकि रात के समय 10 से अधिक कर्मी गश्त करते हैं। मेटल डिटेक्टर से जल्द जांच शुरू होगी।
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यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशन पर गश्त कर रहे हैं। आरपीएफ के 30 सुरक्षाकर्मी अलग-अलग दिन रेलवे परिसर व यात्रियों की सुरक्षा में तैनात हैं। मेटल डिटेक्टर से भी यात्रियों की जांच जल्द शुरू की जाएगी।
- रूप चंद मीना, थाना प्रभारी, आरपीएफ।
स्टेशन पर यात्रियों के सामान की जांच की जा रही है। डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ता भी स्टेशन पर जांच अभियान के लिए पहुंचेगा। फिलहाल, त्योहारी सीजन पर सुरक्षाकर्मी अतिरिक्त समय अपनी सेवाएं दे रहे हैं - जोगिंद्र कुमार, प्रभारी, जीआरपी।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। मेटल डिटेक्टर इत्यादि से यात्रियों की जांच की जानी चाहिए जो त्योहार सीजन होने के बावजूद भी नहीं की जा रही। - विकास खटक, यात्री।
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कोई भी यात्री विस्फोट सामग्री लेकर आ-जा सकता है। स्टेशन पर पहले की अपेक्षा यात्रियों की संख्या ज्यादा है लेकिन सुरक्षा व जांच को लेकर पुलिस प्रशासन और रेलवे के इंतजाम फीके हैं। - सोनू, यात्री।
संवाद
03 रोहतक रेलवे स्टेशन पर बिना की सुरक्षा व जांच के लिए आवागमन करते यात्री। संवाद
03 रोहतक रेलवे स्टेशन पर बिना की सुरक्षा व जांच के लिए आवागमन करते यात्री। संवाद