रोहतक। सेक्टर-6 के प्लॉटधारकों के लिए लंबे समय से चल रहा विवाद अब पूर्ण रूप से समाप्त हो गया है। वर्ष 2012 में लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए गए प्लॉट एक न्यायिक याचिका के कारण लगभग 14 वर्षों तक विवाद में फंसे रहे। इससे प्लॉटधारकों को मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वर्ष 2022 में प्लॉटधारकों ने थर्ड पार्टी के रूप में हस्तक्षेप करते हुए न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट दोनों हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एवं प्लॉटधारकों के पक्ष में निर्णय दे चुके हैं। इससे उन्हें बड़ी राहत प्राप्त हुई है।
यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी प्रस्तुत किया गया। यहां याचिकाकर्ता को कोई राहत प्राप्त नहीं हुई। वर्तमान में किसी भी न्यायालय की ओर से कोई स्थगन आदेश (स्टे) प्रभावी नहीं है। इससे विकास कार्यों का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है।
इसी क्रम में एचएसवीपी की ओर से सेक्टर-6 में प्लॉटों पर उगे पेड़ों की सफाई का कार्य एक अप्रैल से प्रारंभ कर दिया गया है। अधिकांश स्थानों पर पेड़ों की कटाई का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इससे प्लॉटधारक अब शीघ्र ही निर्माण आरंभ कर सकेंगे।
हरकिशन दलाल, सतबीर डांगी, व्यापार मंडल से गुलशन निझावन, आनंद शर्मा व प्लॉटधारकों ने सरकार व एचएसवीपी के एस्टेट ऑफिसर आशीष कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित इस समस्या को समझते हुए सकारात्मक एवं निर्णायक कदम उठाए गए हैं।