प्राचार्य व मुख्याध्यापकों को एक लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। गर्मी की छुट्टियों के दौरान जिले के जर्जर सरकारी स्कूलों की मरम्मत कर उन्हें नए शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार किया जाएगा। विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सभी स्कूल प्राचार्य और मुख्याध्यापक भवनों की मरम्मत, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को समय पर ठीक करवाना सुनिश्चित करेंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए सत्र की शुरुआत से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जानी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि छोटे और आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए स्कूलों को उपलब्ध निधि से एक लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी गई है।
जिन विद्यालयों के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त फंड की मांग संबंधित अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी के लिए शिक्षा विभाग के मुख्यालय स्तर के अधिकारी छुट्टियों के दौरान विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।
यदि किसी विद्यालय में लापरवाही, अनियमितता या निर्देशों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित प्राचार्य या मुख्याध्यापक के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा।