रोहतक जिले के पिलाना गांव की सविता दलाल ने स्लोवाकिया में अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। उनकी मेडल बाउट वीरवार देर शाम पूरी हुई। इस मौके पर सविता के ताऊ ने बताया कि कुश्ती उनके परिवार के खून में ही है।
परदादा, दादा और पिता भी थे पहलवान
19 वर्षीय सविता ने साल 2017 में कुश्ती शुरू की थी। उन्हें प्रेरणा अपने ही परिवार से मिली थी। उनके परदादा, दादा और पिता भी पहलवान रहे हैं। चचेरे भाई अमित राज्य स्तरीय और अनिल राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। इन सभी को देखकर सविता ने भी कुश्ती शुरू की।
2017 में पहलवानी शुरू करने के बाद साल 2018 में सविता ने दिल्ली में पहला नेशनल स्वर्ण पदक जीता। 2019 में दूसरा राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक जीता। उसके बाद सविता ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2022 में पहली बार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उजबेकिस्तान में हुई एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल किया था। उसी साल इटली में हुई विश्व चैंपियनशिप में फिर से स्वर्ण जीता।
पहले वह गांव में अपने माता पिता के पास रहती थीं लेकिन अच्छे संसाधनों के लिए उन्हें रोहतक शहर में आना पड़ा। वह यहां अपने ताऊ कृष्ण और ताई दर्शना के साथ रहती हैं। सविता सर छोटू राम स्टेडियम में अभ्यास करती हैं। मंदीप सिंह बतौर कोच उन्हें प्रशिक्षण देते हैं।
रेलवे में जूनियर क्लर्क के पद पर है नियुक्ति
पिछले साल 22 जुलाई को सविता को भारतीय रेलवे में जूनियर क्लर्क के पद नियुक्ति मिली। पदक जीतने के बाद उनके गांव पिलाना और उनके रोहतक वाले घर में मिठाई से मुंह मीठा कर खुशी मनाई गई। 23 अगस्त को सविता को घर आने पर जश्न मनाया जाएगा।