कोरोना को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है, इससे निपटने के लिए बेहतर ढंग से काम किए जा रहे हैं। जिले की स्थिति संतोषजनक है और संसाधन भी पर्याप्त हैं। उक्त बातें उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कही। वह सेक्टर तीन स्थित पॉली क्लीनिक में होम आइसोलेशन मरीजों के लिए तैयार की गई मेडिकल किट के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल किट के अलावा बिस्तर, ऑक्सीजन व दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। धरातल पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करने ही आज वह पॉली-क्लीनिक पहुंचे हैं, ताकि वास्तविकता का पता लग सके। उपायुक्त ने बताया कि मेडिकल किट में पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, दवाइयां, पुस्तिका आदि हैं। हरियाणा सरकार द्वारा दिए नमूने के आधार पर ही पिछले सप्ताह होम आइसोलेशन मरीजों के लिए ये किट तैयार करवाई गई हैं। एक हजार अतिरिक्त किट तैयार करवाई गई हैं। ताकि अगर कोई बैकलॉग रह गया हो या कोई संक्रमित मिले तो उसे किट दी जा सके। शहर के सभी वार्डों के लिए टीमें बनाई गई हैं, जो होम क्वारंटीन मरीजों को किट बांट रही हैं। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें जा रही हैं।
किट डिलिवरी की हकीकत जानने के लिए कराया फोन
उपायुक्त कैप्टन मनोज ने मरीजों को मेडिकल किट मिल रही है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए अपने सामने ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कुछ नंबरों पर फोन करवाया। मोबाइल फोन का स्पीकर ऑन कर बात की गई। अधिकारियों ने अभिषेक और आयुष से बात की, उनका हाल पूछा। साथ ही पूछा कि क्या उन्हें मेडिकल किट मिल गई है। दोनों ने ही किट मिलने की पुष्टि की।
खुद की पल्स ऑक्सीमीटर की जांच
उपायुक्त ने खुद मेडिकल किट का थैला खोला और उसमें रखे सामान की जांच की। इसके बाद पल्स ऑक्सीमीटर में उंगली डाल कर यह देखा कि मीटर सही काम कर रहा है या नहीं। ऑक्सीमीटर बिल्कुल ठीक मिला।
सिविल अस्पताल का किया निरीक्षण
उपायुक्त ने बाद में सिविल अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट के लिए प्लेटफॉर्म स्थल का भी निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया गया है, जल्द ही यहां प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान एडीसी महेंद्र पाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डॉ. नरेंद्र, डॉ. पलक, डॉ. सीमा भी मौजूद रहे।