रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों की वापसी व अन्य सामाजिक मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए शुक्रवार को सर्वखाप पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में करीब एक माह पहले रोहतक सेशन कोर्ट से बरी किए जाने के फैसले को सरकार के हाईकोर्ट में अपील करने का मामला गरमाया रहा। पंचायत में रोहतक-सोनीपत और झज्जर जिलों की खापों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सर्वखाप पंचायत की अध्यक्षता करते हुए संयोजक महेंद्र सिंह नांदल ने बताया कि सरकार ने 22 फरवरी 2016 को रोहतक पुलिस लाइन में सर्वखाप के साथ हुए समझौते में आश्वासन दिया था कि सरकार आंदोलन से संबंधित मुकदमों को बिना शर्त वापस लेगी। लेकिन छह साल बीत जाने पर भी मुकदमे अब भी लंबित हैं। सरकार समझौते को तोड़ते हुए निचली अदालतों में खारिज मुकदमों को हाईकोर्ट में अपील लगाकर दोबारा शुरू करवा रही है। पंचायत में निर्णय लिया गया कि इस मामले को लेकर सर्वखाप पंचायत मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामलों को वापस लेने की मांग करेगी। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो सर्वखाप ठोस निर्णय लेने के लिए मजबूर होगी। इस अवसर पर रोहतक 84 प्रधान हरदीप अहलावत, दलाल 84 प्रधान भूप सिंह दलाल, मलिक खाप प्रधान दादा बलजीत सिंह मलिक, प्रधान शिवधन देशवाल, प्रधान सुरेंद्र दहिया, प्रधान रणधीर सिंह सरोहा, प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़, सचिव सतबीर अहलावत, वीरेंद्र कादयान, पार्षद कदम अहलावत, चौबीसी प्रधान मेहर सिंह नंबरदार, हुड्डा पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा, जलकरण बल्हारा, सतवीर गहलावत, मान सिंह दलाल, सर्वखाप प्रवक्ता कैप्टन जगबीर मलिक, संदीप नांदल व अन्य मौजूद रहे।
कमेटी बनाकर नशे के खिलाफ युवाओं को करेंगे जागरूक
युवाओं में तेजी से फैल रहे नशे की लत को चिंतनीय बताते हुए सोनीपत 360 खाप के संरक्षक अशोक खत्री ने बताया कि सर्वखाप की अध्यक्षता में कमेटियां बनाकर युवाओं को नशे के नुकसानों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे जल्दी ही इसके लिए एक मॉडल प्रस्तुत करेंगे ताकि उसका अनुसरण करते हुए नशाखोरी की लत को नियंत्रित कर सकें।
हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन की रखी मांग
सर्वखाप पंचायत के दौरान हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में 3जी (गांव, गोहांड और गोत्र) फार्मूले के अनुसार संशोधन करने की मांग की। खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तर भारत में सभी जातियां 3जी फार्मूले के तहत अपन बच्चों की शादियां करते हैं। वर्तमान में कानून के तहत गांव व आस-पास के गांव और स्वयं के गोत्र में शादी करने को मान्यता मिली हुई है।
टूटते रिश्तों पर किया मंथन
टूटते रिश्तों पर मलिक प्रतिनिधि धर्मपाल मलिक ने कहा कि युवाओं में आपसी छोटे-छोटे मन मुटाव से रिश्ते टूट रहे हैं। नवविवाहित लड़के व लड़कियां संस्कारों के अभाव में सामाजिक मर्यादा को भूलते जा रहे हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर तलाक की नौबत आ रही है। इससे समाज में नैतिकता का पतन हो रहा है। इसे रोकने के लिए नैतिक शिक्षा और अच्छे संस्कार बच्चों को देने की जरूरत है।
वर्जन -
आंदोलन के छह साल बीत जाने पर भी रोहतक कोर्ट में छह मामले विचाराधीन हैं। करीब एक महीने पहले आंदोलन से जुड़े एक मामले में आरोपी 17 युवकों को रोहतक सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया था। लेकिन सरकार ने मामले में दोबारा सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में अपील की है। सरकार सर्वखाप पंचायत के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर रही है।
- महेंद्र सिंह नांदल, संयोजक, सर्वखाप पंचायत