एफडीडीआई में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सरिता दूहन का स्वागत करते फैकल्टी सदस्य। स्रोत: संस्थान
एफडीडीआई (फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) को नंबर एक शैक्षणिक संस्थान बनाना है। यहां के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर फुटवियर उद्योग को दिशा देने वाले विशेषज्ञ तैयार करना है। संस्थान को लेकर यह प्राथमिकता रहेगी। यह कहना है एफडीडीआई की पहली एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सरिता दूहन का। अमर उजाला से हुई विशेष बातचीत में उन्होंने अपनी नियुक्ति व संस्थान को लेकर विजन साझा किया।
मूलरूप से जींद की रहने वाली एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ने कहा कि वे टेक्निकल एजुकेशन हरियाणा की फैकल्टी हैं। यहां आने से पूर्व खादी ग्रामोद्योग दिल्ली में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्य किया। जीजेयू हिसार से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। संस्थान की जिम्मेदारी संभाल ली है। अभी शुरुआती समय है। संस्थान को अच्छे से समझने के बाद इसके विकास की तस्वीर तैयार की जाएगी।
इस तस्वीर को मूर्त रूप देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फुटवियर इंस्टीट्यूट केवल एक संस्थान नहीं है। यह फुटवियर उद्योग की जरूरतों को पूरी करेगा। खासकर फुटवियर उद्योग को गति व दिशा देने वाले विशेषज्ञ। फुटवियर अब केवल जूते तक सीमित नहीं रहा है। यह फैशन भी बन गया है। यही वजह है कि फुटवियर उद्योग भी नए रंग-रूप में नजर आने लगा है। इसमें युवाओं के लिए भी बेहतर अवसर हैं। इस उद्योग के लिए संस्थान युवाओं को तराश कर बेहतर बनाने का काम करेगा।
एफडीडीआई की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर का संस्थान में पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। यहां स्टाफ ने उन्हें संस्थान से जुड़ी जानकारी दी। यही नहीं, उन्हें बधाई देने वालों का सोमवार को दिनभर तांता लगा रहा।