रोहतक। रोहतक के गांव मोरखेड़ी गांव निवासी संजना (19) का कहना है कि मैंने आठ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। काॅमनवेल्थ गेम्स में वेट लिफ्टिंग में हरियाणा से अकेली महिला खिलाड़ी हूं। मुझे हरियाणा सरकार से कोई विशेष सहयोग नहीं मिला। घर के हालात ठीक नहीं हैं। मजदूर परिवार की बेटी हूं। हरियाणा सरकार मुझे खेल कोटे से नाैकरी दे। यह बातें ग्लासगो काॅमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारोत्तोलन प्रतियोगिता में हारने के बाद संजना ने फोन पर बताई।
संजना का कहना है कि उन्हें प्रदेश सरकार अथवा हरियाणा खेल विभाग की तरफ से उतना सहयोग नहीं मिल रहा है जो मिलना चाहिए। उनके घर के आर्थिक हालात खराब हैं। मां-बाप के पास कोई काम नहीं है। दो भाई और एक बहन हैं। बड़े भाई के पास भी निश्चित रोजगार नहीं है।
उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलन की भारतीय महिला टीम में हरियाणा से वह अकेली खिलाड़ी थीं। उनका कहना है कि अभी तक कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से कोई सहयोग राशि नहीं मिली है। संजना ग्लासगो में 29 जुलाई को हुए मुकाबले में हारकर बाहर हो गई थीं।
वर्जन
रोहतक की तीनों कॉमनवेल्थ गेम्स खिलाड़ियों के दस्तावेज विभाग को भेज दिए हैं। खेल विभाग की ओर से प्रत्येक खिलाड़ी को 2.5 लाख रुपये की सहयोग राशि दी जाएगी।
- अनूप सिंह, जिला खेल अधिकारी, रोहतक