अलमारी का ताला खोलकर सेनिटाइजर निकालकर दिखाता सिक्योरिटी गार्ड।
- फोटो : RohtakCity
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले भर के एटीएम बूथ में सैनिटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों का दावा भी है कि उन्होंने सभी एटीएम को सैनिटाइज कर सैनिटाइजर रखवाए हैं। बुधवार को जब अमर उजाला ने हकीकत जांची तो किसी भी एटीएम में सैनिटाइजर नहीं मिला। इस दौरान जिन एटीएम बूथ पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे, वहां सैनिटाइजर तालों में बंद मिला। अधिकारियों का आरोप है कि लोग सैनिटाइजर उठा ले गए हैं।
जिले में राष्ट्रीयकृत और प्राइवेट बैंकों के 227 एटीएम अलग-अलग स्थानों पर लगे हुए हैं, जिनका हजारों लोग रुपये निकासी के लिए इस्तेमाल करते हैं। एटीएम से रुपये निकालने के लिए लोगों को स्क्रीन समेत कई बटन दबाने पड़ते हैं। ऐसे में एटीएम कोरोना वायरस की संवाहक होने की आशंका है। प्रधानमंत्री के लॉकडाउन घोषित करने के बाद एलडीएम ने सभी बैंकों से अपने-अपने एटीएम पर लोगों के लिए सैनिटाइजर रखवाने के आदेश दिए थे, मगर अभी रखवाया नहीं गया है। बैंक के अफसरों का दावा है कि लॉकडाउन के बाद सभी एटीएम पर सैनिटाइजर की छोटी शीशी रखवाई गईं थी, जो दूसरे दिन चेक करने पर गायब मिली। इसके बाद तय हुआ कि उन्हीं एटीएम पर सैनिटाइजर रखवाया जाएगा, जहां सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं। लेकिन ऐसे एटीएम में भी सैनिटाइजर आम जन को नहीं मिल रहा है। सुभाष चौक पर पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम लगा हुआ है, जिस पर गार्ड तैनात हैं मगर वहां सैनिटाइजर नहीं रखा गया है। चंद कदम आगे एसबीआई का एटीएम लगा है, जहां सैनिटाइजर ताले में बंद मिला। एसबीआई एटीएम पर तैनात गार्ड ने पूछने पर बताया कि सैनिटाइजर पहली बार आया है, जो मुझसे पहली शिफ्ट में तैनात गार्ड को सौंपा गया था।
शुरुआत में हमने हर एटीएम पर सैनिटाइजर रखवाया था, जिसे लोग उठाकर ले गए। इसके बाद जहां सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं, वहां रखवाया गया है।
- मुकेश जैन, लीड बैंक मैनेजर
एटीएम में बनी अलमारी का ताला खोलकर सेनिटाइजर निकालता सिक्योरिटी गार्ड।- फोटो : RohtakCity