18 जुलाई। मौत या जिंदगी। क्या होगा संग्राम का भाग्य।
एक तरफ उन मासूम बच्चों की दुआएं है जिन पर संग्राम ईनाम के पैसों को उनकी पढ़ाई के लिए खर्च कर देता है तो दूसरी तरफ करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें भी टिकी हुई हैं।
यो वो दिन होगा जब रोहतक का लाडला संग्राम सिंह रुपहले पर्दे की रंगीनियाें से दूर मौत और जिंदगी के लिए लड़ेगा। संग्राम ‘लास्ट मैन स्टेडिंग’ फाइट के लिए रविवार को दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हो चुके हैं।
पहली बार डेंथ वारंट पर साइन कर लड़ेगा भारतीय पहलवान
‘लास्ट मैन स्टेडिंग’ फाइट के लिए संग्राम ने डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। रिंग में फाइट के दौरान जो पहलवान आखिरी तक खड़ा रहेगा वह जीतेगा। अगर पहलवान की मौत होगी तो वह उसका खुद जिम्मेदार होगा। रोहतक के मदीना गांव के संग्राम सिंह ऐसे पहले भारतीय पहलवान है जिन्होंने इस फाइट के लिए हौसला दिखाया।
विश्व कप केचलते पहले स्थगित हो गई थी फाइट
पहले संग्राम सिंह का मुकाबला 28 फरवरी को होना था, लेकिन क्रिकेट विश्व कप केचलते वो फाइट जुलाई के लिए स्थगित कर दी गई थी। इंटर कॉनिटीनेंटल टाइटल के लिए होने वाले इस मुकाबले में संग्राम सिंह केसामने जोय लैजेंड है, जो प्रोफेशनल रेसलिंग का एक बड़ा नाम माना जाता है। हालांकि संग्राम सिंह खुद तीन साल बाद रेसलिंग रिंग में उतर रहे हैं। इस प्रतियोगिता में उनकेअलावा कनाडा, साउथ अफ्रीका और नाइजीरिया केपहलवान भी हिस्सा लेंगे। ये फाइट दक्षिण अफ्रीका और यूरोप में लाइव दिखाई जाएगी, हालांकि देश में इस फाइट को नहीं देखा जा सकेगा।
गरीब बच्चों के लिए उतर रहे रिंग में
संग्राम सिंह अपनी मंगेतर एक्ट्रेस पायल रोहतगी और परिवार की मर्जी के खिलाफ इस फाइट में हिस्सा ले रहे हैं। संग्राम सिंह ने बताया कि उन्हें उन गरीब बच्चों की फिक्र है जो पैसे के अभाव में पढ़ नहीं पाते, खिलाड़ी नहीं बन पाते। संग्राम सिंह ने हाल ही एक स्कूल को गोद लिया है। उन्हाेंने ऐलान किया है कि खिताब जीतते हैं तो रकम गरीब बच्चाें की पढ़ाई एवं प्रतिभाशाली खिलाड़ियाें के लिए खर्च करूंगा।
‘मासूम बच्चाें की पढ़ाई और ट्रेनिंग की चिंता है, इसलिए लड़ने जा रहा हूं। दुआ कीजिएगा, मैं जीतूं ताकि उनके काम आ सकूं।’
- संग्राम सिंह, प्रोफेशनल रेसलर।