राष्ट्रीय युवा महोत्सव की अंतिम बालीवुड नाइट में ऐसी भीड़ उमड़ी कि पुलिस को संभालना मुश्किल हो गया। हर तरफ चाक-चौबंद व्यवस्था होने के बावजूद पुलिस भीड़ के आगे बेबस नजर आई। काफी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण कार्यक्रम स्थल में प्रवेश बंद किया तो कुछ युवाओं ने वीआईपी गेट की तरफ लगी बेरिकेडिंग तोड़ दी। इस पर युवाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। मंच पर रैपर रफ्तार तमंचे पर डिस्को गाना गया तो युवक-युवतियां अपनी जगहों से खड़े होकर नाचने और शोर मचाने लगे।
इस पर पुलिस को युवाओं को डंडा दिखाकर बैठाना पड़ा। यह चेतावनी भी देनी पड़ी की हुड़दंग मचाने पर बाहर कर देंगे। फिर भी युवा पूरे जोश में थे। प्रत्येक गाने पर वह शोर मचाने और नाचने से खुद को रोक नहीं पा रहे थे। पुलिस अधिकारियों को भी भीड़ के बीच जाकर उन्हें नियंत्रित करना पड़ रहा था।
एमडीयू के खेल मैदान में राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए मुख्य स्टेज बनाया गया है। स्टेज के सामने लोगों के बैठने के लिए करीब 10 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। रैपर रफ्तार के स्टेज पर आने से पहले ही सभी कुर्सियां भर गईं और चारों तरफ दर्शक खड़े हो गए। इसके बाद भी लोगों का आना जारी रहा। पुलिस ने लोगों को जमीन से लेकर खाली जगह तक में बैठाया। काफी संख्या में लोग खड़े रहे। फिर भी लोगों को आना जारी रहा। इस कारण पुलिस को एंट्री बंद करनी पड़ी।
पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने वीआईपी गेट और झज्जर रोड की तरफ बनाए गए गेट से एंट्री बंद कर दी। वीआईपी पास लेकर आने वाले लोगों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। इस पर कुछ युवाओं ने विरोध जताया और बेरिकेडिंग तोड़कर अंदर जाने लगे। हालात काबू से बाहर होता देख पुलिस ने युवाओं को लाठियां भांजकर भगाया।
एक दिन पहले भी उमड़ी थी भीड़
शनिवार को हुए हास्य कवि सम्मेलन में भी रात 8 बजे से पहले ही पुलिस ने लोगों की एंट्री रोक दी थी। कार्यक्रम में भी भीड़ अधिक पहुंच गई थी। गनीमत रही कि कार्यक्रम में बेरिकेडिंग नहीं टूटी, लेकिन वीआईपी पास जारी होने के बाद भी एंट्री नहीं होने से लोगों में आक्रोश जरूर है।
युवतियां हुईं काबू से बाहर
रैपर रफ्तार के गानों पर न केवल युवक बल्कि युवतियां भी मस्ती में सराबोर होकर नाच रही थीं। युवतियों के आसपास बैठे लोग उन्हें रोक रहे थे, लेकिन वह नाचने में मशगूल रहे। बाद में उन्हें बैठाने के लिए महिला पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।