रेवाड़ी। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। जनवरी से अगस्त तक विभाग ने दूध, दूध से बने उत्पादों, मिठाई, खोया, पनीर, घी समेत अन्य खाद्य पदार्थों के 71 सैंपल लिए। इनमें 43 नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि आठ नमूने सेवन के लिए असुरक्षित मिले।
जांच में पांच दही, तीन पनीर तथा खोया, क्रीम और घी समेत 11 नमूने सब-स्टैंडर्ड पाए गए। सोया पनीर और वनस्पति के एक-एक नमूने मिस ब्रांड मिले। घी के तीन और पनीर के दो नमूनों सहित कुल आठ नमूने सेवन के लिए असुरक्षित पाए गए। सात नमूनों की जांच रिपोर्ट लंबित है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में अतिरिक्त उपायुक्त न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय ने 42 मामलों में कुल 1,30,950 रुपये का जुर्माना लगाया। बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों की बिक्री से संबंधित चार मामले भी दर्ज किए गए हैं। इनमें से तीन मामले मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में पहुंचे हैं।
त्योहारी सीजन में पनीर, घी, खोया, मिठाई और अन्य दूध उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण विभाग लगातार सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज रहा है। अधिकारियों ने अधिक मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए प्रयोगशाला को लिखा है।
वर्जन:
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप यादव ने बताया कि विभाग की ओर से नियमित रूप से दूध और इससे बने उत्पादों के साथ अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। मिलावट की आशंका वाले उत्पादों की विशेष रूप से जांच करवाई जा रही है।