सांपला। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर गढ़ी सांपला-किलोई हलके की एकमात्र नगर पालिका सांपला में चुनावी माहौल चरम पर है। मुकाबला भाजपा बनाम निर्दलीय बना हुआ हुआ है क्योंकि कांग्रेस, इनेलो, जजपा या अन्य कोई दल सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ रहा है।
10 मई को 15,624 मतदाता शहर की सरकार चुनेंगे। सात अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सैनी का रोड शो कस्बे में कराने की बात कही जा रही है। नपा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों ने विकास के दावों के साथ चुनावी प्रचार तेज कर दिया है।
भाजपा ने पांच साल पहले एससी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित चेयरमैन पद का चुनाव लड़ा लेकिन पार्टी को निर्दलीय पूजा इंदौरा ने करारी मात दी थी। जीत के बाद पूजा इंदौरा पहले कांग्रेस और फिर भाजपा में शामिल हो गई थीं।
अबकी बार भाजपा ने रणनीति बदली है। पार्टी ने सामान्य हुए चेयरमैन पद के लिए पुराने कांग्रेसी प्रवीन कोच को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दल पहले की तरह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनके कार्यकर्ता निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं।
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कोच के सामने भाजपा के बागी बने चुनौती
सांपला नपा चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने कैबिनेट मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा को चुनाव प्रभारी व रोहतक के मेयर रामअवतार वाल्मीकि को सह प्रभारी बनाया हुआ है। भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कोच के पास पुराना अनुभव व केंद्र व राज्य सरकार का साथ मिला हुआ है, इसके बावजूद उनकी राह आसान नहीं लग रही है। विरोधियों के अलावा भाजपा के बागी प्रत्याशी भी चुनौती दे रहे हैं। भाजपा से टिकट चाहने वाले पूर्व चेयरमैन सुधीर ओहल्यान, मंजीत व अनिल शर्मा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी ने तीनों को छह साल के लिए निकाल दिया है।
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पीने का पानी और गंदे पानी की निकासी सबसे बड़े चुनावी मुद्दे
इस बार के नपा चुनाव में पीने का पानी व गंदे पानी की निकासी सबसे बड़े मुद्दे हैं। लोगों का कहना है कि कई इलाकों में मात्र 20 मिनट ही एक समय पानी आता है। गंदे पानी की उचित निकासी नहीं है। बंदरों व बेसहारा पशुओं से भी लोग परेशान हैं। पिछले पांच साल में कस्बे में करोड़ों रुपये के विकास कार्य तो हुए हैं लेकिन कस्बावासी बनी सिंह, इंद्र सिंह का कहना है कि आज भी लोगों को पानी, सफाई व सीवर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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कांग्रेस नेता नहीं दिखाई दे रहे, कार्यकर्ता अपने दम पर लड़ रहे चुनाव
भाजपा चेयरमैन और पार्षद पद के चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दल चुनाव से दूर हैं। कोई नेता प्रचार में दिखाई नहीं दे रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा के अलावा इनेलो व जजपा नेताओं का बयान तक नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस समर्थक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपने दम पर लोगों के बीच विकास के वादों के साथ वोट मांग रहे हैं।
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15,624 मतदाता चुनेंगे सांपला कस्बे की सरकार
10 मई को होने वाले चुनाव के लिए कुल 15,624 मतदाता हैं। इसमें 7,483 महिला व 8141 पुरुष मतदाता हैं। 120 युवाओं को पहली बार वोट डालने का अधिकार मिला है। सांपला में 16 वार्ड हैं और 16 ही बूथ बनाए गए हैं। प्रशासन ने 5,11 और 13 वार्ड को अति संवेदनशील माना है। 4 और 15 नंबर बूथ को संवेदनशील माना है। इन पर पुलिस सुरक्षा ज्यादा रहेगी।
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पिछले चुनाव से ज्यादा मतदान कराने का प्रयास
पिछले चुनाव में 75 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था। प्रशासन और उम्मीदवार ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने का प्रयास कर रहे हैं। सुबह होते ही कस्बे की हर गली में ई-रिक्शा उम्मीदवारों का प्रचार करने पहुंच रहे हैं।