एमडीयू की परीक्षाएं एक बार फिर सवालों में घेरे में हैं। परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले पेपर के हु-ब-हू प्रश्नों की बुकलेट केंद्रों के पास बेची गई। प्रश्नों की बुकलेट के नाम पर छात्रों से 50 रुपये से 500 रुपये तक वसूले गए। खास बात यह है कि जो प्रश्न पत्र की बुकलेट बेची जा रही थी वही प्रश्न पेपर में भी आए।
अमर टीम जब वहां पहुंची तो अफरा तफरी का माहौल बन गया। वहीं इस मामले में एमडीयू प्रशासन प्रश्न पत्र की हु-ब-हू बुकलेट को लेकर कुछ भी बोलने से इंकार कर किया। शुक्रवार को एमडीयू और उसके अधीन कॉलेजों में दूसरी शिफ्ट में बीएससी द्वितीय वर्ष के तीसरे सेमेस्टर का हिंदी का पेपर था।
अमर उजाला टीम करीब एक बजकर 10 मिनट पर जाट कॉलेज के पास खुली फोटो स्टेट की दुकानों पर पहुंची। वहां पर 8 से 9 प्रश्नों के उत्तर की नौ पन्नों की एक बुकलेट तैयार की गई थी। हर छात्र से इसके लिए 50 से 500 रुपये लिए जा रहे थे। दावा किया जा रहा था कि जो प्रश्न इसमें दिए गए हैं वहीं प्रश्न पेपर में भी आएंगे।
जैसा प्रश्न पत्र वैसी बुकलेट
5 बजे पेपर खत्म होने के बाद जब इस बुकलेट का मिलान किया गया तो 9 पेज की इस छोटी सी बुकलेट में प्रश्न पत्र के पूरे उत्तर मिले। पेपर में एक भी प्रश्न ऐसा नहीं था जो इस बुकलेट में ना हो। ऐसे में सवाल उठता है कि फोटो स्टेट की दुकानों पर बिकने वाले इस हू-ब-हू प्रश्न पत्र की बुकलेट को किसने तैयार किया?
तैयार करने वाले को कैसे पता की सभी प्रश्न इसके अंदर से ही आएंगे। हालांकि यह मात्र एक तुक्का था या फिर कुछ ओर ही, लेकिन जो भी है परीक्षाओं की गोपनीयता पर सवाल जरूर खड़ा कर रहा।
नियमों के खिलाफ परीक्षा केंद्र के पास खुल रही फोटो स्टेट की दुकान
परीक्षाओं से पहले ही आदेश जारी कर दिया जाता है कि केंद्रों के आसपास लगभग 200 मीटर के दायरे में कोई भी फोटो स्टेट की दुकान नहीं खुलनी चाहिए, लेकिन एमडीयू की परीक्षाओं में इस नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 से शहर की तरफ चलते ही चंद कदमों की दूरी पर एक साथ कई फोटो स्टेट की दुकानें खुलीं थीं, जबकि उससे आगे जाट कॉलेज, एमकेजेके कॉलेज और नेकीराम कॉलेज के पास भी दर्जनों से अधिक फोटो स्टेट की दुकानें परीक्षा के समय खुली थीं।
टीम को देखते ही मची भगदड़
अमर उजाला टीम जैसे ही फोटो स्टेट की दुकान के पास पहुंची तो इस बुकलेट को बेचने और खरीदने वाले लोग कैमरा देखते ही सतर्क हो गए। कई दुकानदारों ने आनन-फानन में फोटो कॉपी मशीन बंद कर दी तो कई ने छात्रों को ही यह कहकर बाहर निकाल दिया कि मशीन खराब है।
गौरतलब है कि पिछले साल भी पेपर लीक की संभावनाओं को जताते हुए पुलिस ने इन फोटो कॉपी की दुकानों पर छापा मारकर कुछ लोगों को हिरासत में लिया था।