बप्पा की विदाई के साथ ही मांगलिक कार्यों पर भी ब्रेक लग जाएगा। इस बार पितृपक्ष 16 दिन की जगह 15 दिन के होंगे तो 9 की जगह 10 दिन तक मां दुर्गा के जयकारे गूंजेंगे। नवरात्र के बीच ही रामलीलाओं का दौर चलेगा। सात अक्तूबर को गुरु ग्रह उदय होने के चलते शादियों पर लगा ब्रेक हट जाएगा। हालांकि, 11 नवंबर को देव उठनी एकादशी है। इसके बाद ही शादियों के मुहूर्त शुरू होंगे, लेकिन अब की बार मुहूर्त कम हैं। अक्तूबर से नवंबर तक 92 दिनों में केवल 16 दिन ही बैंड-बाजा-बारात में शहनाई की धुन सुनाई देंगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप पाठक ने बताया कि पितृपक्ष में पंचमी और षष्ठी तिथि एक साथ होने के कारण एक दिन की कमी आई है। वहीं, नवरात्र में एकम की वृद्धि होने की वजह से दुर्गा महोत्सव 10 दिन तक चलेंगे। शारदीय नवरात्र एक से 10 अक्तूबर तक चलेंगे। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहे हैं, जोकि 30 सितंबर तक चलेंगे। मान्यता है कि इन दिनों में पूर्वज धरती पर आते हैं। पितृपक्ष में नदी, तालाब और पोखरों में पितरों की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को पूर्णिमा का श्राद्ध होगा तो 17 सितंबर को प्रतिपदा का तर्पण एवं श्राद्ध होगा। 30 सितंबर को पितृमोक्षनी अमावस्या के साथ पितृपक्ष का समापन हो जाएगा।
चौदस तिथि में करें अकाल मृत्यु प्राप्त व्यक्ति का श्राद्ध
पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि जिस तिथि को व्यक्ति की मृत्यु हुई हो, उसी तिथि में श्राद्ध करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति संन्यासी का श्राद्ध करता है तो वह द्वादशी के दिन करना चाहिए। कुत्ता, सर्प आदि के काटने से हुई अकाल मृत्यु प्राप्त व्यक्ति का श्राद्ध चौदस तिथि में करना चाहिए। अगर किसी को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद नहीं है तो ऐसे लोग अमावस्या पर श्राद्ध कर सकते हैं। पितृपक्ष में दान का विशेष महत्व बताया गया है।
कब-कब विवाह के मुहूर्त
माह तिथि
अक्तूबर : 10, 11 और 14
नवंबर : 11, 12, 16, 23, 24, 25 और 30
दिसंबर : 1, 3, 4, 8, 9, 10, 12 और 13
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किस दिन कौन सा होगा श्राद्ध
श्राद्ध तिथि
पूर्णिमा का श्राद्ध 16 सितंबर, शुक्रवार
प्रतिपदा का श्राद्ध 17 सितंबर, शनिवार
द्वितीया का श्राद्ध 18 सितंबर, रविवार
तृतीया और चतुर्थी का श्राद्ध 19 सितंबर, सोमवार
पंचमी और भरणी का श्राद्ध 20 सितंबर, मंगलवार
षष्टी का श्राद्ध 21 सितंबर, बुधवार
सप्तमी का श्राद्ध 22 सितंबर, वीरवार
अष्टमी का श्राद्ध 23 सितंबर, शुक्रवार
नववीं का श्राद्ध 24 सितंबर, शनिवार
दशवीं का श्राद्ध 25 सितंबर, रविवार
एकादशी का श्राद्ध 26 सितंबर, सोमवार
द्वादशी का श्राद्ध 27 सितंबर, मंगलवार
त्रयोदशी का श्राद्ध 28 सितंबर, बुधवार
चतुर्दशी का श्राद्ध 29 सितंबर, वीरवार
अमावस्या का श्राद्ध 30 सितंबर, शुक्रवार