संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सोनीपत स्टैंड स्थित लघु सचिवालय के बाहर बेगारी के खिलाफ व पक्की नौकरी की मांग को लेकर ग्रामीण सफाईकर्मियों की शुक्रवार को हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। धरने की अध्यक्षता कर रहे संजय कुमार ने बताया कि सरकार के हठधर्मिता रवैया के खिलाफ चार दिन पहले नरवाना से शुरू हुई पदयात्रा को 28 मई शाम कैथल में सरकार के इशारे पर पुलिस ने जबरन रोकने का प्रयास किया।
सरकार के इस दमनकारी रवैया के खिलाफ ग्रामीण सफाई कर्मचारियों में भारी रोष है। सीटू जिला प्रधान प्रकाशचंद्र ने कहा कि कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का यह आंदोलन प्रदेश की भाजपा सरकार के दलित व सफाई कर्मचारी विरोधी रवैया का जीता जागता उदाहरण है।
नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से 2100 रुपये की बढ़ोतरी व सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन देने की घोषणा अभी भी कोरी घोषणा है। इस दौरान यूनियन जिला प्रधान दलेर, महम ब्लॉक प्रधान बलजीत, लाखनमाजरा ब्लॉक प्रधान जगमिंदर काला, सुमन, अंगूरी, दिनेश, सुमित्रा, नरेश, कर्मवीर, कृष्ण, विक्रम,शीलक व सूरज आदि मौजूद रहे।