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वीकेंड पर टूटा सब्र का बांध, तीन बैंकों में हंगामा और धक्कामुक्की

Sun, 04 Dec 2016 02:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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पीजीआई कैंपस के एसबीआई में टूटा दरवाजा, हेड गार्ड और दो कर्मचारी चोटिल - फोटो : amar ujala
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नोटबंदी के 25वें दिन भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। सैलरी वीक के तीसरे दिन भी कर्मचारी और पेंशनर पैसे निकालने के लिए दिनभर धक्के खाते रहे। सुबह से ही कतार मेें लगे जब लोग काउंटर तक पहुंचे तो उन्हें कैश खत्म होने का जवाब मिला। वीकेंड पर मिले इस जवाब से लोगों के सब्र का बांध टूट गया और एक के बाद एक बैंकों में हालत बिगड़ने शुरू हो गए। शनिवार को तीन बैंकों में भीड़ ने बेकाबू हो गई और हंगामा करना शुरू कर दिया। जहां पीजीआई कैंपस के एसबीआई में दरवाजा टूटने से हेड गार्ड और दो कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं। वहीं, एक्सिस बैंक के बाहर भारी भीड़ होने के चलते अंदर लोग डेढ़ घंटे तक फंसे रहे। इन लोगों को एसएचओ ने पहुंचकर बाहर निकलवाया। दूसरी ओर, महाराष्ट्र बैंक में भी सैलरी के लिए नगरनिगम के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी बवाल काटा। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन दिन से वेतन निकालने के लिए परेशान हो रहे हैं। हालात इतने बुरे हैं कि उनके पास बैंक आने के लिए भी दस रुपये नहीं है।
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शनिवार की सुबह बैंक कर्मचारियों के लिए हंगामेदार रही। पिछले एक महीने से कैश की किल्लत झेल रहे लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है और वे विरोध करने पर उतर आए हैं। चूंकि, बैंकों में पहले ही पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं पहुंच रहा है और एटीएम भी खाली हैं। ऐसे में लोग एक-एक पैसे के मोहताज हो गए हैं। सैलरी आने के बाद तो यह परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। बैंक प्रबंधक लोगों को एक दिन पहले ही टोकन दे रहे हैं, ताकि अगले दिन उन्हें कैश दे सकें। इस वजह से लोग अपने ऑफिस से दो-दो दिन की छुट्टी लेकर बैंक पहुंच रहे हैं। फिर भी, उन्हें निराशा ही मिल रही है।

खडे़ थे 500 लोग, बैंक खुलते ही मारा धक्का, टूटा दरवाजा

पीजीआई कैंपस के एसबीआई बैंक में दूसरी बार हालात बिगड़े। सुबह 10 बजे बैंक खुलने से पहले ही बाहर करीब 500 लोग खड़े थे। बैंक के अंदर खड़े हेड गार्ड राजपाल ने जब बैंक कर्मियों के लिए दरवाजा खोलना चाहा तो भीड़ ने धक्का मार दिया जिससे दरवाजा टूट गया और बैंक के अंदर-बाहर सारा कांच बिखर गया। बैंक का दरवाजा टूटने से हेड गार्ड और दो कर्मचारियों को चोटें आईं। गार्ड के हाथ पर और एक कर्मचारी के पैर में कांच लगने से खून बहने लगा। दोनों को तुरंत पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। जहां दोनों का इलाज किया गया और करीब 12 से 14 टांके भी आए। बैंक की महिला प्रबंधक ने पुलिस को दो बार फोन भी किया, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंची। इस घटना के बाद से बैंक का पूरा स्टाफ बहुत ज्यादा ही घबराया हुआ था। शनिवार को भी बैंक में कैश कम था। इस वजह से लोग काफी चिल्ला रहे थे।
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एक्सिस बैंक में पहुंची पुलिस, एक-एक को निकाला बाहर

सुबह 10 बजे जैसे ही एक्सिस बैंक खुला। सबसे पहले उन 20 लोगों को अंदर किया गया, जिन्हें शुक्रवार को टोकन दिए गए थे। ये सभी लोग पैसे लेने के बाद जैसे ही बाहर जाने लगे तो सिक्योरिटी गार्ड ने गेट नहीं खोला, क्योंकि बाहर काफी भीड़ थी। अगर गेट खुलता तो सभी एक-दूसरे को धक्का देकर अंदर पहुंच जाते। इस वजह से करीब डेढ़ घंटे तक लोग अंदर रहे और बाहर मारामारी होती रही। कैश लेकर पहुंची वैन भी अंदर नहीं जा सकी। 11:20 बजे, एसएचओ रमेश कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। फिर, बैंक की लॉबी में खड़े लोगों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू कर दिया और अंदर खड़े लोगों के निकलने का रास्ता बनाया। करीब डेढ़ घंटे से परेशान हो रहे लोगों ने बाहर आकर चैन की सांस ली। इसके बाद, सीनियर सिटीजन और महिलाओं को एंट्री देकर बैंक का शटर बंद कर दिया गया। करीब, 11:30 बजे मामला शांत हुआ।

खर्चा 10 हजार, दे रहे 5 हजार, कैसे करें गुजारा

उधर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में नगरनिगम के सफाई कर्मचारियों ने सैलरी लेने के लिए दूसरे दिन भी विरोध किया। यहां बैंक का सिक्योरिटी गार्ड एक-एक कर लोगों को अंदर भेज रहा था और कर्मचारी पिछले पांच घंटे से इंतजार कर रहे थे। बैंक के बाहर बैठै सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उनका खर्च दस हजार है और बैंक केवल पांच हजार रुपये ही दे रहा है। इतने पैसे में कैसे गुजारा करें। यह पैसे भी उन्हें पिछले तीन दिन से नहीं मिल रहे हैं। रोेजाना बैंक आ रहे हैं और जब नंबर आता है तो कैश खत्म बताते हैं।
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