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नियम 134-ए : दूसरी परीक्षा से अधिकतर बच्चे रहे दूर

Mon, 04 Jul 2016 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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परीक्षा देने पहुंचे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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नियम 134-ए के तहत गरीब परिवारों के बच्चों के मुफ्त दाखिले के लिए रविवार को दूसरी बार परीक्षा कराई गई, लेकिन इसमें विद्यार्थियों ने अधिक रुचि नहीं दिखाई। जिले में परीक्षा के लिए 3459 बच्चे पंजीकृत थे, जिसमें 958 शामिल हुए, जबकि 2501 बच्चे अनुपस्थित रहे। इसकी वजह यह बताई जा रही कि निजी स्कूल दाखिला देने में आनाकानी कर रहे हैं, जिस कारण पिछली परीक्षा पास करने वाले बच्चों का ही अभी तक दाखिला नहीं हो पाया है। इसके अलावा, निजी स्कूलों में अप्रैल माह से पढ़ाई चल रही है। अब जुलाई में दाखिला लेने वाले बच्चे पढ़ाई में तीन माह पीछे हो जाएंगे।
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नियम 134-ए के तहत प्रवेश के लिए परीक्षा कराने को जिले में नौ स्कूलों को केंद्र बनाया गया था, जिन पर सुबह नौ बजे परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा उन बच्चों के लिए थी जो मई माह में हुई परीक्षा में वंचित रह गए थे या परीक्षा पास नहीं कर सके थे। लेकिन परीक्षा में अभिभावकों और बच्चों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। जबकि दोबारा परीक्षा कराने के लिए काफी मांग उठ रही थी। यहां तक कि विभिन्न संगठनों ने कई बार चंडीगढ़ तक अधिकारियों के चक्कर काटे। इस दबाव में सरकार ने दोबारा से परीक्षा करा दी, लेकिन इससे पूरी व्यवस्था की पोल खुल गई। 

हिंदी को लेकर फिर विवादों में आ गई परीक्षा
परीक्षा में इस बार प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी भाषा में था, लेकिन इसमें खामी यह रही कि 100 अंक के पेपर में 25 अंक हिंदी विषय के दे दिए। इस कारण सीबीएसई के बच्चों को परेशानी हुए। मामला सामने आने पर गांधी नगर निवासी अभिभावक राजेश शर्मा, कविता पूनिया और पिंकी ने आरोप लगाया कि जब सीबीएसई का बच्चा हिंदी पढ़ता नहीं तो पेपर कैसे हल करेगा। ऐसे में यदि बच्चा हिंदी विषय के पूछे गए 25 अंकों में पास नहीं हुआ तो 55 फीसदी अंक मुश्किल होंगे, जबकि मुफ्त दाखिले के लिए 55 फीसदी अंक अनिवार्य है। 
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पेपर में पूछे गए अटपटे सवाल 
परीक्षा देने वाले छात्रों ने आरोप लगाया कि पेपर में काफी उल्टे-सीधे सवाल पूछे गए थे। एक सवाल था कि लता के पिता का नाम बताओ, इस सवाल का उत्तर किस आधार पर दिया जाए? इसके अलावा भी हिंदी विषय के कई ऐसे सवाल थे, जिन्हें देखकर सीबीएसई के बच्चे चकरा गए।

यह रहेगा आगे का शेड्यूल 
जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता रूहिल ने बताया कि टेस्ट के आधार पर सात जुलाई को ड्रा निकाला जाएगा। इसके बाद 8 से 15 जुलाई तक दाखिल होंगे। यदि इसके बाद भी सीटें बचती हैं तो दूसरा ड्रा 18 जुलाई को निकाला जाएगा, जिसके तहत 22 जुलाई तक दाखिल होंगे।

इन केंद्रों पर हुई परीक्षा 
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गांधी नगर, सैनी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहतक, सैनी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहतक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महम, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांपला, जेकेएम विद्यालय कलानौर, विद्या भारती विद्यालय सांपला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांपला और राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाखन माजरा पर परीक्षा हुई। 

बोले बच्चे, प्रश्नपत्र भी करा लिया जमा 
परीक्षा देने वाले राहुल, दीपिका और पूजा का कहना था कि परीक्षा के बाद पेपर दिया जाता है, लेकिन इस परीक्षा में शिक्षकों ने पेपर भी जमा करा लिये। ऐसे में यह पता नहीं चल रहा है कि उन्होंने जो प्रश्न किए हैं वह सही है या गलत।

परीक्षा के संबंध में पूरी पारदर्शिता बरती गई, जो शांतिपूर्ण संपन्न हुई। शेड्यूल के हिसाब से परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। 
- प्रदीप सिंह, परीक्षा के चेयरमैन और एडीसी

सरकार ने परीक्षा का अच्छे तरीके से प्रचार नहीं किया, जिस कारण बच्चों की उपस्थिति कम रही। सरकार से मांग है कि परीक्षा में जो भी बच्चे पास होंगे उन्हें तुरंत एडमिशन दिया जाए। पहली वाली लिस्ट के बच्चों का भी दाखिला कराया जाए। एडमिशन को लेकर अगर लापरवाही होती है तो हाईकोर्ट से न्याय की मांग की जाएगी।
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- एडवोकेट सतबीर सिंह हुड्डा, अध्यक्ष दो जमा पांच मुद्दे
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