सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा के लोग चाहते हैं, टकराव की स्थिति पैदा हो। इसके लिए बार-बार हमें उकसाने का प्रयास किया जा रहा है। चार दिन पहले गांधी कैंप में भी निगम कर्मचारियों ने कार्यक्रम के दौरान ही पार्टी के झंडे व लड़ियां उतारे थे। अब एमडीयू परिसर में अनुमति देने के बाद कार्यक्रम रद कर दिया गया है। यह गैर लोकतांत्रिक रवैया है। लोकतंत्र बना रहना चाहिए।
सांसद ने दो टूक कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं। कार्यक्रम रद करने वाले अधिकारी जान लें, कल सरकार बदलती है तो जवाब देना पड़ सकता है। एमडीयू में छात्र संगठनों ने कार्यक्रम रखा था। इसमें वाल्मीकि छात्र महासभा, एकलव्य छात्र संगठन, अंबेडकर छात्र मोर्चा, एनएसयूआई, सीवाईएसएस शामिल हैं। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम की अनुमति भी ली थी। इसके बावजूद कार्यक्रम से ठीक पहले इसे रद कर दिया गया। यह अधिकारों पर चोट है।
यह अधिकारों को छीनने का काम है। यह रोहतक के हर नागरिक का अधिकार छिना है। इससे हमारे हौसले पस्त नहीं होंगे। सरकार कारण बताए अनुमति रद क्यों की। इसके बावजूद हमने शांति बनाए रखी। टकराव की स्थिति से बचाव जरूरी है। इसलिए कार्यकर्ताओं से भी शांतिपूर्वक कार्यक्रम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि चुनावी बिगुल छिड़ चुका है। ऐसे में कोई भी जनता के बीच जा कर अपनी बात रख सकता है। क्या हम अपनी बात नहीं कह सकते ? ये तानाशाही लोग हैं। भाजपा संविधान में विश्वास नहीं रखती। इसीलिए भाजपा विधायकों व नेताओं का विरोध हो रहा है। इस पर भी हमने लोगों से अपील की है कि अपनी नाराजगी इस तरह नहीं, वोट की चोट से जतानी है। स्वतंत्रता से अपनी बात रखें। बाबा साहेब ने हमें यह अधिकार दिया है। इस मौके पर विधायक भारत भूषण बतरा भी मौजूद रहे।