रोहतक। निजी बस चालकों-परिचालकों की ओर से यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने की आ रहीं शिकायतों पर आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) सख्ती करने के मूड में है। आरटीओ ने निजी बस चालकों पर कार्रवाई करते हुए हिदायत दी है कि यात्रियों के साथ कोई दुर्व्यवहार न किया जाए और न ही बस पास को लेकर यात्रियों के साथ आनाकानी की जाए।
बसों में विद्यार्थियों के बस पास मान्य न करने व नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार पर मुंगाण निवासी प्राची ने आरटीओ में शिकायत दर्ज कराई थी। प्राची ने बताया कि निजी बसों में सरकारी पास होने के बावजूद यात्रियों से बस पास नहीं लागू किए जा रहे हैं जबकि विभाग ने सभी बसों में पास मान्य किए हैं।
चालकों-परिचालकों से इस बारे में बताया जाए तो अभद्रता के साथ बातचीत करते हैं। साथ ही बस से उतारने तक की धमकी देते हैं। आरटीओ ने 11 जुलाई के पत्र के आधार पर निजी बस समितियों व मालिकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आरटीओ ने संबंधित समिति की बस का तीन माह के लिए परमिट रद्द करते हुए जब्त करने की कार्रवाई की है। वहीं, चालक-परिचलकों को महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों के साथ सालीन व्यवहार करने की हिदायत दी। आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि सभी बसों में यात्रियों का टिकट जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।
कार्यालय में यात्रियों की ओर से निजी बस संचालकों के दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं। इसको लेकर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। समितियों व चालकों के साथ बैठकर नियमों का पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है। - मनीष मदान, सहायक सचिव, आरटीए।