17सीटीके37...पीजीआईएमएस में आधुनिक डायलिसिस मशीन का शुभारंभ करते निदेशक डॉ. एसएस लोहचब व उद्योग
रोहतक। पीजीआईएमएस में डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। अब इसके समाधान के लिए सामाजिक संस्थान रोटरी क्लब ऑफ रोहतक सफायर ने पहल करते हुए पीजीआईएमएस में आधुनिक डायलिसिस मशीनें व आरओ प्लांट लगवाकर मरीजों को बहुत बड़ी राहत पहुंचाने का काम किया है। सोमवार को पीजीआईएमएस में स्थित श्यामलाल भवन में समारोह का आयोजन किया गया। पीजीआईएमएस के डायरेक्टर डॉ. एसएस लोहचब, एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन, रजिस्ट्रार डॉ. एसके अग्रवाल, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जितेंद्र गुप्ता, क्लब प्रधान राजीव बेरीवाल, सचिव संजय पारिख, प्रोजेक्ट चेयरमैन नरेश जैन, जोनल चेयर डॉ. चंद्र गर्ग ने करीब 38 लाख रुपये कीमत की आधुनिक डायलिसिस मशीनें व आरओ प्लांट का शुभारंभ किया।
पिछले काफी समय से पीजीआई में काफी समय से डायलिसिस मशीनों की कमी बनी हुई थी। इसके चलते मरीजों को काफी दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा था और प्राइवेट अस्पतालों में महंगे दामों पर इलाज कराने पर मजबूर थे। अब क्लब की ओर से यह आधुनिक मशीनें पीजीआई में उपलब्ध कराने से मरीजों को राहत मिलेगी। एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए और समय समय पर स्वास्थ्य की जांच भी जरूर करानी चाहिए, ताकि समय रहते इलाज शुरू हो सके।
वहीं पीजीआईएमएस के डायरेक्टर डॉ. एसएस लोहचब ने कहा कि इन आधुनिक तकनीक से बनी डायलिसिस मशीनों की लंबे समय से डिमांड थी, जिसे अब क्लब ने पहल करते हुए पूरा किया है। यह सराहनीय कदम है। क्लब के प्रधान राजीव बेरीवाल ने कहा कि पीजीआई में डायलिसिस मशीन कम होने के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए क्लब पदाधिकारियों की अहम बैठक हुई थी। इसमें सर्वसम्मति से पीजीआईएमएस में आधुनिक डायलिसिस मशीन व आरओ प्लाट लगाने का निर्णय लिया गया और प्रोजेक्ट तैयार कर यह मशीनें उपलब्ध कराई गईं। इससे पीजीआई में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बड़ा लाभ होगा। वहीं पीजीआई प्रबंधन की ओर से क्लब पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया।
वर्जन
लाला श्याम लाल सुपर स्पेशलिटी भवन में 14 मशीनें पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत कार्य कर रहीं हैं। यहां रोजाना औसतन 50 मरीज डायलिसिस के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पीजीआई की डायलिसिस यूनिट भी है। इसमें चार मशीनें थी अब इसकी संख्या बढ़कर छह हो गई है। इससे ज्यादा मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल पाएगी। साथ ही यहां आरओ प्लांट भी लगाया है। संस्थान को मिली दो नई मशीनों में से एक मशीन ट्रांसप्लांट आईसीयू में लगाई गई हैं। इससे ट्रांसप्लांट वाले मरीजों को आईसीयू में ही डायलिसिस सुविधा मिल पाएगी।
-डॉ. अंकुर गोयल, नेफ्रोलॉजिस्ट