संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। बिजली निगम के कई पावर हाउसों में 17 साल से वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) नहीं बदले गए हैं। पुराने और जर्जर उपकरणों के सहारे लाखों लोगों को बिजली दी जा रही है। इससे जरा सी चूक पर पूरी बिजली प्रणाली फेल होने का खतरा है।
निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, खरावड़, झज्जर रोड और मॉडल टाउन पावर हाउस में पुराने वीसीबी लगे हैं। इनकी निर्धारित उम्र 10 से 15 साल होती है, पर ये 17 साल से चल रहे हैं। वीसीबी बिजली प्रणाली का अहम सुरक्षा उपकरण है। यह शॉर्ट सर्किट या ओवरलोड होने पर तुरंत बिजली आपूर्ति काट देता है। पुराना होने पर इसकी ट्रिपिंग क्षमता कम हो जाती है। इससे खराबी के समय ब्रेकर काम नहीं करता। ट्रांसफार्मर और केबल सहित पूरी प्रणाली फटने का खतरा बढ़ जाता है। झज्जर रोड और मॉडल टाउन पावर हाउसों में खराबी के कारण घंटों बिजली बाधित रहती है। कर्मचारियों को हादसे का डर है और उपभोक्ताओं पर लंबी कटौती का खतरा मंडरा रहा है।
बाल भवन पावर हाउस में हालात सबसे खराब हैं। यहां वीसीबी नहीं, बल्कि 10-15 साल पुराने ऑटो रिक्लोजर ब्रेकर के सहारे काम चल रहा है। यह प्रणाली स्थायी समाधान नहीं है। बारिश के चलते शॉर्ट सर्किट, केबल जलने और ट्रांसफार्मर बंद होने की करीब 500 शिकायतें आई हैं। बुधवार को सैनिक कॉलोनी के 11 केवी फीडर में खराबी से 1 घंटे बिजली बाधित रही।
इंसेट
नए वीसीबी की अटकी प्रक्रिया
बिजली निगम में वर्ष 2024 में नए वीसीबी लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके लिए फाइलें भी भेजी गई थीं। हालांकि, बजट और टेंडर अटकने के कारण अब तक एक भी नया ब्रेकर नहीं लग सका है। यह स्थिति लाखों उपभोक्ताओं के लिए चिंताजनक है।
वर्जन
मॉडल टाउन पावर हाउस में ज्यादा दिक्कत नहीं आई है। बाल भवन में ऑटो रिक्लोजर ब्रेकर के सहारे पावर हाउस चलाया जा रहा है। इसको वीसीबी में बदलने की प्रक्रिया चल रही है।-संदीप कुमार, उपमंडल अधिकारी, बिजली निगम।