रोहतक। लाल झंडा हरियाणा में पहले नहीं था। जब किसानों को पता चलेगा कि ये सीपीएम, माओवादी और लाल झंडा वाले चीन के समर्थन में रहते हैं, तो साथ छोड़ देंगे। ये किसान और सरकार की लड़ाई नहीं बल्कि हारी और जीती पार्टी की है। ये बात शनिवार को हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने प्रेसवार्ता में कही।
प्रदेश सरकार के सात साल की सात बड़ी उपलब्धियां गिनाने रोहतक आए कृषि मंत्री कैनाल रेस्ट हाउस में वार्ता कर रहे थे। उन्होंने किसान आंदोलन के मुद्दे पर कहा कि बताना चाहता हूं कि ये लड़ाई किसान और सरकार की नहीं है। ये हारी और जीती पार्टी की लड़ाई है। पहली बार देखा गया है कि किसान आंदोलन में वही चेहरे हैं, जो हारे हैं। हम भी यहीं के हैं और उनके चेहरों को पहचानते हैं। ये हारे हुए चेहरे कहते हैं कि जिनके हाथ में सरकार हैं, जो विधायक और मंत्री है, उनको नहीं आने दें। एक सवाल के जबाव में कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा में पहले लाल झंडा नहीं था। किसानों को जब पता चलेगा कि ये सीपीएम, माओवादी और लाल झंडा चीन के समर्थन में रहते हैं, तो छोड़ देंगे।
कांग्रेस की प्रवृत्ति सरकार में बने रहने की है। वह हर संभव तरीके से सरकार में आना चाहती है। वह जनता की सेवा से नहीं बल्कि सरकार को बदनाम करके सरकार में आना चाहती है। वरुण गांधी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का वीडियो ट्विटर पर ट्विट करने के सवाल पर कहा कि हम किसानों के साथ हैं। किसी व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। कुछ लोग किसानों के नाम पर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। किसानों के हित की बात करने वाले राजस्थान जाएं, वहां किसानों का उत्थान करें। हम किसानों की आय बढ़ाना चाहते हैं। किसान पिछड़ा हुआ है। कमजोर हैं। हम उनकी आय में सुधार करने की दिशा में प्रयासररत हैं। ऐलनाबाद विधानसभा सीट के उप चुनाव में भाजपा के विरोध पर कहा कि वहीं लोग हैं, जो विरोध करते आ रहे हैं। हम ऐलनाबाद के चुनाव में जाएंगे।