रोहतक सिस्टर्स के व्हाट्स एप पर फर्जी अश्लील फोटो अपलोड करने के मामले में अमेरिका से भी मदद नहीं मिली।
पुलिस की ओर से व्हाट्स एप और फेसबुक मुख्यालय में किए गए मेल का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
पुलिस ने मेल में व्हाट्स पर फोटो ब्लॉक करने और आरोपी तक पहुुंचने में मदद करने का आग्रह किया था। अब पुलिस की जांच सबसे निचले पायदान से शुरू होगी।
पुलिस अब हर उस शख्स के पास पहुंचेगी, जिन-जिन के मोबाइलों पर यह तस्वीरें शेयर की गई। बहरहाल व्हाट्स एप और एफबी की खामोशी पुलिस के लिए जी का जंजाल बन गई है।
बस छेड़छाड़ प्रकरण से सुर्खियों में आई थाना खुर्द गांव निवासी पूजा और आरती के फर्जी फोटो अपलोड करने के तीसरे मामले में पुलिस को खाली हाथ ही काम शुरू करना पड़ रहा है। नागालैंड में तैनात फौजी को गिरफ्तार करने के लिए भी सेना को पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन इसी कवायद के बीच किसी ने फिर से एक और अश्लील फोटो शेयर कर दिया। मंगलवार को दोनों बहनें और प्रतिनिधिमंडल आईजी श्रीकांत जाधव से मिला। आईजी ने आश्वासन दिया है कि इस जांच में वक्त जरूर लगेगा, लेकिन एक्सपर्ट की टीम लगाई है, जो गुनेहगार तक पहुंचेगी।
अब मैन टू मैन मार्किंग
पुलिस अब मामले में मैन टू मैन मार्किंग की जांच शुरू करेगी। जिस के भी मोबाइल में ये फोटो आए, उससे पूछा जाएगा कि ये फोटो भेजने वाला कौन है। फिर उस तक पहुंचकर पूछा जाएगा कि उसके पास ये फोटो कहां से आए। इस जांच का लंबा खिंचना तय है। इसके बाद भी असली गुनहगार सामने आ पाएगा इसमें शक है। फोटो हजारों मोबाइलों तक पहुंची हैं।