हाल ही में विश्व में नंबर वन रैंकिंग हासिल करने वाले अमित पंघाल का मुक्का अब टोक्यो ओलंपिक में चलेगा। रोहतक से सटे छोटे से गांव मायना के इस बॉक्सर ने सोमवार को अमान में चल रहे एशिया/ ओसनिया ओलंपिक क्वालिफायर मुकाबले में फिलीपींस के कार्लो पालम को हराया।
52 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में अमित पंघाल ने 4 -1 से जीत दर्ज की है। इसके साथ ही रोहतक से 16 साल बाद किसी खिलाड़ी को ओलंपिक का कोटा हासिल हुआ है। इससे पहले यह कमाल मुक्केबाजी टीम के कोच जितेंद्र कुमार ने किया था।
अमित पंघाल का कहना है कि उनका सपना पूरा हो गया है और यह उनके लिए गौरव का क्षण है। देश के लिए पदक जीतने के लिए ओलंपिक क्वालिफायर पहली सीढ़ी थी, वर्षों की कड़ी मेहनत काम आई। अमित ने कहा कि अब देश को पदक दिलाने के लिए जी जान लगा देंगे।
साल 2000 और 2004 में ओलंपिक में खेल चुके हैं कोच जितेंद्र
महम के गांव सिसर खास निवासी जितेंद्र कुमार ने साल 2000 में 75 किलोग्राम भारवर्ग में और साल 2004 में 81 किलोग्राम भारवर्ग में ओलंपिक खेला था। उन्हें1999 में अर्जुन अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है। कोच जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मैच जीतने के बाद अमित से बात हुई है। उन्होंने अमित को जीत की बधाई दी और आगे भी इसी तरह खेलते रहने के लिए प्रेरित किया।
चाचा को जन्मदिन के गिफ्ट में दी ओलंपिक कोटे की टिकट
अमित पंघाल ने मैच से पहले सुबह अपने चाचा राजनारायण पंघाल के पास जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए फोन किया था। फोन पर अमित ने जब पूछा की क्या गिफ्ट लाऊं तो चाचा ने उनसे ओलंपिक टिकट मांगा था। शाम को ही अमित ने चाचा को जन्मदिन के गिफ्ट में ओलंपिक टिकट भेंट स्वरूप दिया। यह बात अमित व उनके चाचा राजनारायण पंघाल ने बताई। वहीं अमित पंघाल के गुरु अनिल धनखड़ ने भी अमित को जीत की बधाई दी है। उनके अलावा पूरे परिवार में भी खुशी का माहौल है।