पुलिस मुठभेड़ में तीन आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
पांच दिन पहले झज्जर रोड पर लोहा व्यापारी से 15 लाख की नकदी व 15 लाख के जेवरात लूट केस में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईए प्रथम ने सोमवार की रात सुनारिया गांव के पास मुठभेड़ के बाद तीन युवकों को काबू कर लिया। तीनों के पांव में गोली लगी है और उनको पीजीआई में दाखिल करवाया गया है। दो आरोपी पुष्पेंद्र व आजाद राजस्थान और एक आरोपी आयुष बालंद गांव का रहने वाला है।
बीते गुरुवार को झज्जर रोड निवासी तार व जाली कारोबारी अशोक जैन ने आर्य नगर थाने में शिकायत दी थी कि उसने मकान के नीचे ही क्वालिटी वायर्स के नाम से तार व जाली की दुकान और गोदाम बनाया हुआ है। मकान में अशोक व उनकी पत्नी सुमिता ही रहती हैं। दुकान व गोदाम को संभालने के लिए धर्मवीर नाम का व्यक्ति काम करता है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे अशोक, उनकी पत्नी सुमिता व नौकर धर्मवीर दुकान पर बैठे थे। इस समय तीन युवक दुकान पर जाली खरीदने आए। अशोक ने धर्मवीर के साथ तीनों युवकों को गोदाम में जाली दिखाने के लिए भेज दिया।
एक युवक ने नौकर से कारोबारी को बुलाकर लाने को कहा तो वह उन्हें बुला लाया। इसी दौरान एक युवक बाहर गया और उनकी पत्नी को भी गोदाम में बुला लाया। बदमाशों ने कारोबारी उनकी पत्नी व नौकर पर पिस्तौल व चाकू तान कर ऊपर बने मकान में ले गए। यहां अल्मारी में रखे 15 लाख रुपये व करीब इतनी ही कीमत के हीरे जड़ित सोने के कंगन, हीरे का हार, हीरे की चूड़ियां व सोने-चांदी के जेवरात छीन लिए।
इसके बाद तीनों को कमरे में बंद करके आरोपी फरार हो गया। तभी से सीआईए की टीमें दबिश दे रही थी। सीआईए प्रथम की टीम ने एएसआई अनिल के नेतृत्व में सुनारिया के पास बाइक सवार युवकों का पीछा किया। आरोप है कि युवकों ने बचने के लिए फायरिंग की दी, जवाबी फायरिंग में तीनों गोली लगने से घायल हो गए। अब पुलिस आरोपियों को डॉक्टरों से हरी झंडी मिलने के बाद गिरफ्तार कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।