पुलिस ने वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ करने के मामले में गद्दीखेड़ी के पहलवान राकेश उर्फ राका और सिसरौली गांव निवासी अमित को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी का पता चलते ही गद्दीखेड़ी के ग्रामीण राकेश को निर्दोष बताकर बृहस्पतिवार सुबह एसपी से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस पर निर्दोष लोगों के खिलाफ बेवजह कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राकेश के खिलाफ न तो कोई पुख्ता सबूत है और न ही कोई फुटेज। फिर भी पुलिस ने उसे मंडी से गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने आश्वासन दिया कि यदि राकेश के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उस पर कार्रवाई नहीं होगी। आश्वासन के बाद ग्रामीण वहां से लौटे।
ग्रामीणों ने बताया कि राकेश गांव में ही पहलवानी और खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करता है। वह दंगों के दौरान एक बार भी रोहतक नहीं आया। फिर भी कोठी में आगजनी का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया है। यदि पुलिस उन्हेें राकेश के खिलाफ कोई सबूत दिखाती है तो भी कार्रवाई जायज है। लेकिन पुलिस सबूत नहीं दिखा रही है। वहीं पुलिस ने बताया कि अमित खेतीबाड़ी करता है।
कोर्ट ने दोनों को भेजा पुलिस रिमांड में
पुलिस ने आरोपी राकेश और वर्तमान में गांधी कैंप निवासी आरोपी अमित को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। रिमांड में दोनों आरोपियों को आगजनी की फुटेज दिखाकर अन्य उपद्रवियों की पहचान कराई जा रही है।
ये था मामला
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में उपद्रवियों ने 19 और 20 फरवरी को वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी मेें लूटपाट और तोड़फोड़ कर आगजनी की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में 40 नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ केस हत्या प्रयास, लूट का केस दर्ज किया था।