बिजली कर्मियों को धरने से उठने को कहा, बातचीत के बाद माने कर्मचारी
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बुधवार को पीजीआई में आने का डर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में भी दिखाई दिया। विज के दौरे के दौरान मेडिकल मोड़ पर धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी हंगामा ना कर दें, इसलिए डीसी अतुल कुमार ने कर्मचारी नेताओं को मिलने के लिए बुला लिया तो एसपी शशांक आनंद कर्मचारियों को खुद ही उठवाने पहुंच गये। बातचीत में बिजली कर्मचारी केवल चार कर्मियों के धरने पर बैठने पर मान गए।
सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का पिछले एक महीने से आंदोलन चल रहा है। उनका क्रमिक अनशन पहले पावर हाउस पर चल रहा था, लेकिन कोर्ट से 200 मीटर की परिधि में धरना नहीं देने का आदेश आने के बाद अनशन मेडिकल मोड़ पर शुरू कर दिया गया। यहां पर कर्मचारियों ने टेंट लगा लिया और रोजाना चार कर्मचारी अनशन पर बैठ रहे हैं। उनके साथ काफी संख्या में अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। जिस जगह कर्मचारी अनशन पर बैठे हैं, उसी जगह से बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पीजीआई जाना था, जिससे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में डर बैठ गया कि कर्मचारी मंत्री के सामने हंगामा कर सकते हैं। इस कारण एसपी खुद पुलिस बल के साथ दोपहर में कर्मचारियों के पास पहुंचे और उनको वहां से उठने के लिए कहने लगे। कर्मचारियों ने इनकार कर दिया, जिसके बाद सहमति बनी कि केवल चार कर्मचारी अनशन पर बैठेंगे। डीसी ने कर्मचारियों को मिलने के बुलाया तो नेता प्रभुदयाल, नरेश देशवाल उनके पास पहुंचे। यहां भी केवल चार कर्मियों के अनशन पर बैठने की सहमति बनी। इसके अलावा बिजली कर्मचारियों ने खिडवाली में जाकर बिजली के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में ग्रामीणों को बताया।