चार साल के बच्चे से आप क्या उम्मीद करते हैं।
खिलौनाें से खेलते बच्चे की तस्वीर जेहन में उभर आती है, लेकिन जरा अब सोच को बदलिए, चार साल का एक ऐसा उस्ताद सामने आया है, जो बड़े-बड़ाें को ज्ञान के मामले में चित्त करने का माद्दा रखता है।
बात हो रही है चार साल के नन्हे आदित्य की। ज्योति प्रकाश वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एलकेजी में पढ़ने वाले आदित्य को दुनिया के नक्शे पर मौजूद सभी 196 देशाें के नाम कठंस्थ हैं।
न केवल नाम बल्कि आदित्य तो उनके उच्चारण तक में कोई गलती नहीं करता। दो साल की उम्र में खिलौनाें के साथ-साथ सामान्य ज्ञान से खेलने की ललक भी आदित्य को ऐसी लगी कि बात अब नेशनल रिकार्ड पर आ पहुंची है। हाल में ही वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ने आदित्य का नाम नेशनल रिकॉर्ड की लिस्ट में शामिल किया है।
प्रधानमंत्रियाें के नाम भी अंगुलियाें पर गिनाता है
इस उम्र में बच्चाें को अपने परिवार के नाम सही तरह से याद नहीं होते, उस उम्र में आदित्य को अब तक के भारतीय प्रधानमंत्रियाें एवं राष्ट्रपतियाें के नाम अंगुलियाें पर याद हैं। इतना ही नहीं, देश के सभी राज्याें के नाम और उनकी राजधानियां भी आदित्य को ऐसे याद हैं, जैसे महज ए बी सी याद करने का काम हो। इसके अलावा ‘रोहतकी गूगल ब्वाय’ आदित्य को सामान्य ज्ञान के तकरीबन 500 प्रश्नाें के उत्तर ऐसे याद हैं कि अच्छा खासा विद्यार्थी भी पानी भरे।
मां की मिली प्रेरणा, पिता का साथ
आदित्य की इस अनोखी खूबी के पीछे उसकी मां मंजू बाला की प्रेरणा और पिता सूरत सिंह का हर कदम पर मिला साथ है। माता दरवाजा के पास केमिस्ट की दुकान चलाने वाले सूरत सिंह भी यही कहते हैं कि आदित्य की इस अलौकिक खूबी के पीछे उसकी मां का बहुत बड़ा योगदान है। मां ही लगातार उसको ज्ञान की बातें बताती रहती है जिससे वो आज इस मुकाम तक आ पाया है। आदित्य का कहना है कि वो बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है।